छत्तीसगढ़ में ब्लैक मनी और ED आरोपियों का नया ठिकाना बना यह अस्पताल

रायपुर: ED आरोपियों का पसंदीदा अस्पताल
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह अस्पताल न केवल घोटालेबाजों और ED के आरोपियों का इलाज करने का स्थान बन चुका है, बल्कि उनके लिए एक आरामदायक शरण स्थली भी साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ में ब्लैक मनी और ED आरोपियों का नया ठिकाना बना यह अस्पताल
ED आरोपियों के लिए सुरक्षित कंट्रोल रूम
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में कई प्रभावशाली आरोपियों ने इलाज के नाम पर आराम फरमाया है। हाल ही में पूर्व चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड यहां भर्ती हुए थे। उनके डिस्चार्ज होते ही कोल खनन घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के दाखिल होने की खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि उनके लिए विशेष तौर पर रूम नंबर XX4 को सुसज्जित किया गया है। छत्तीसगढ़ में ब्लैक मनी और ED आरोपियों का नया ठिकाना बना यह अस्पताल
ब्लैक मनी और निवेश का खेल
सूत्रों का दावा है कि इस अस्पताल और इससे जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों में पिछले 5 वर्षों से ब्लैक मनी का बड़ा निवेश हुआ है। इसमें अस्पताल के अलावा कचना में बन रहे 7-स्टार होटल और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। कहा जाता है कि इन प्रोजेक्ट्स में पूर्व मुख्यमंत्री और उनके करीबियों का निवेश है। छत्तीसगढ़ में ब्लैक मनी और ED आरोपियों का नया ठिकाना बना यह अस्पताल
कोर्ट निर्देशों की अनदेखी
ED के आरोपियों को यहां अदालत के निर्देशों के विपरीत सुविधाएं दी जा रही हैं।
- CCTV निगरानी से छूट: अस्पताल में ED के आरोपियों को निगरानी से बचाने के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
- फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट: मेकाहारा अस्पताल के एक डॉक्टर द्वारा फर्जी सर्टिफिकेट जारी करने का मामला भी सामने आया है।
- फुल-सुविधाएं: आरोपियों और उनके परिजनों के लिए मोबाइल, फोन और कंप्यूटर तक उपलब्ध कराए गए हैं। छत्तीसगढ़ में ब्लैक मनी और ED आरोपियों का नया ठिकाना बना यह अस्पताल
अस्पताल का ED से कनेक्शन
पंडरी स्थित इस अस्पताल का निर्माण और संचालन भी विवादों में घिरा है। इसमें शामिल कई निर्माता और निदेशक ED की जांच के घेरे में हैं। छत्तीसगढ़ में ब्लैक मनी और ED आरोपियों का नया ठिकाना बना यह अस्पताल
बढ़ती बहस और जरूरतें
इस अस्पताल को ED के आरोपियों का कंट्रोल रूम करार दिया जा रहा है। अब यह जरूरी हो गया है कि अदालत के निर्देशों का पालन सख्ती से कराया जाए और यहां की संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाई जाए। छत्तीसगढ़ में ब्लैक मनी और ED आरोपियों का नया ठिकाना बना यह अस्पताल



















