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छत्तीसगढ़ का यह थाना है मिसाल: यहां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

छत्तीसगढ़ का यह थाना है मिसाल: यहां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

Dhamtari Sihawa Police Station: हां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट, पुलिस थाने का नाम सुनते ही आमतौर पर अपराध, अनुशासन और सख्ती की तस्वीर उभरती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सिहावा थाना इस छवि से बिल्कुल अलग, सेवा, आस्था और प्रकृति प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। यह थाना न सिर्फ कानून व्यवस्था का केंद्र है, बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आशियाना भी बन गया है।

कानून के रखवाले बने बेजुबानों के पालक

सिहावा थाने का परिसर आज 150 से अधिक कबूतरों का घर है। यहां तैनात पुलिसकर्मी कानून की रक्षा करने के साथ-साथ इन पक्षियों की पूरी देखभाल भी करते हैं। थाना प्रभारी लेखराम ठाकुर के नेतृत्व में पूरी टीम इन नन्हे मेहमानों की सेवा में जुटी है। उनके लिए विशेष रूप से घोंसले बनाए गए हैं और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है।हां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

थाने में दिन की शुरुआत होती है दाना-पानी की सेवा से

यहां पुलिसकर्मियों की दिनचर्या की शुरुआत इन पक्षियों को दाना-पानी देने के साथ होती है। नियमित रूप से उनके लिए साफ पानी और चारे की व्यवस्था की जाती है। रात में शिकारी जानवरों या पक्षियों से उन्हें कोई खतरा न हो, इसके लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मियों का यह दयाभाव न केवल परिसर को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, बल्कि समाज को भी जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील होने का संदेश देता है।हां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

सेवा, सुरक्षा और श्रद्धा का त्रिवेणी संगम

यह थाना केवल पक्षी प्रेम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां आस्था का भी गहरा वास है। थाने के मुख्य द्वार पर देवी मां की प्रतिमा स्थापित है, जहां जवान और अधिकारी रोज सुबह-शाम पूजा-अर्चना करते हैं। वे यहां क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं। इस तरह, सिहावा थाना सेवा, सुरक्षा और श्रद्धा का एक अनूठा संगम बन गया है।हां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

“प्रकृति से जुड़ाव एक स्वस्थ समाज की नींव” – थाना प्रभारी

छत्तीसगढ़ का यह थाना है मिसाल: यहां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट
Dhamtari Sihawa Police Station: पुलिस थाने का नाम सुनते ही आमतौर पर अपराध, अनुशासन और सख्ती की तस्वीर उभरती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सिहावा थाना इस छवि से बिल्कुल अलग, सेवा, आस्था और प्रकृति प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। यह थाना न सिर्फ कानून व्यवस्था का केंद्र है, बल्कि बेजुबान पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आशियाना भी बन गया है।
कानून के रखवाले बने बेजुबानों के पालक
सिहावा थाने का परिसर आज 150 से अधिक कबूतरों का घर है। यहां तैनात पुलिसकर्मी कानून की रक्षा करने के साथ-साथ इन पक्षियों की पूरी देखभाल भी करते हैं। थाना प्रभारी लेखराम ठाकुर के नेतृत्व में पूरी टीम इन नन्हे मेहमानों की सेवा में जुटी है। उनके लिए विशेष रूप से घोंसले बनाए गए हैं और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है।
थाने में दिन की शुरुआत होती है दाना-पानी की सेवा से
यहां पुलिसकर्मियों की दिनचर्या की शुरुआत इन पक्षियों को दाना-पानी देने के साथ होती है। नियमित रूप से उनके लिए साफ पानी और चारे की व्यवस्था की जाती है। रात में शिकारी जानवरों या पक्षियों से उन्हें कोई खतरा न हो, इसके लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मियों का यह दयाभाव न केवल परिसर को एक सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, बल्कि समाज को भी जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील होने का संदेश देता है।
सेवा, सुरक्षा और श्रद्धा का त्रिवेणी संगम
यह थाना केवल पक्षी प्रेम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां आस्था का भी गहरा वास है। थाने के मुख्य द्वार पर देवी मां की प्रतिमा स्थापित है, जहां जवान और अधिकारी रोज सुबह-शाम पूजा-अर्चना करते हैं। वे यहां क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं। इस तरह, सिहावा थाना सेवा, सुरक्षा और श्रद्धा का एक अनूठा संगम बन गया है।
"प्रकृति से जुड़ाव एक स्वस्थ समाज की नींव" - थाना प्रभारी
थाना प्रभारी लेखराम ठाकुर का मानना है कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध नियंत्रण करना नहीं है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक माहौल बनाना भी है। उन्होंने कहा, "प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और संवेदनशीलता एक स्वस्थ समाज की नींव है। हम इसी दिशा में एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं।"
सिहावा थाने की यह मानवीय और पर्यावरण-प्रेमी पहल आज पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय है और अन्य संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन गई है।

थाना प्रभारी लेखराम ठाकुर का मानना है कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध नियंत्रण करना नहीं है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक माहौल बनाना भी है। उन्होंने कहा, “प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और संवेदनशीलता एक स्वस्थ समाज की नींव है। हम इसी दिशा में एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं।”हां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

सिहावा थाने की यह मानवीय और पर्यावरण-प्रेमी पहल आज पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय है और अन्य संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन गई है।हां कानून की सख्ती के साथ गूंजती है पक्षियों की चहचहाहट

Pooja Chandrakar

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