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भारत धर्मशाला नहीं: अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

? भारत धर्मशाला नहीं: अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

देश में अवैध बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या नागरिकों की घुसपैठ पर केंद्र सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट कहा है कि “भारत कोई धर्मशाला नहीं है”, जहां कोई भी आकर बस जाए। राजनीतिक स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति के चलते कुछ नेता इन घुसपैठियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

? नेताओं की शह पर फर्जी दस्तावेज और राजनीतिक संरक्षण

रायपुर में एक पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता अमित दास पर आरोप है कि उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों को स्थानीय निवासी का प्रमाण पत्र जारी किया, जिसके आधार पर उन्होंने राशन कार्ड, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज बनवा लिए। जेल में बंद तीन बांग्लादेशी भाइयों से ATS की पूछताछ में यह खुलासा हुआ।अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

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? राजनीतिक पदों का दुरुपयोग करके इन नागरिकों को वोटर लिस्ट में शामिल कर वोट बैंक मजबूत करने की साजिश रची जा रही है।अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

? नशा, सट्टा और अवैध व्यापार में घुसपैठियों की भूमिका

जांच में सामने आया है कि ये अवैध नागरिक ‘सूखा नशा’, गांजा, अफीम, चरस और शराब के कारोबार में सक्रिय हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन सट्टा, जमीन का धंधा और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बिजनेस के जरिए करोड़ों की काली कमाई को वैध रूप देने की कोशिश की जा रही है।अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

? बिल्डर और होटल कारोबारी इन पैसों को टाउनशिप, होटल और अन्य प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहे हैं।

?️‍♂️ एसटीएफ का गठन, 33 जिलों में जांच शुरू

राज्य सरकार ने अवैध अप्रवासियों की पहचान के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, जगदलपुर, कवर्धा, तिल्दा समेत 33 जिलों में DSP/ASP रैंक के अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है।अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

➡️ STF हर महीने रिपोर्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को भेजेगी।
➡️ पहली बैठक 5 जून को मंत्रालय में आयोजित होगी।
➡️ जिला और राज्य स्तर पर SSP और DGP की निगरानी में कार्रवाई होगी।

? राजनीति और अपराध का गठजोड़: नेताओं की कुंडली खंगाली जा रही

पुलिस को ऐसे सबूत मिले हैं कि स्थानीय नेता, पार्षद और छुटभैया नेता अवैध नागरिकों से प्रोटेक्शन मनी लेकर उन्हें बचा रहे हैं।

? कई मामलों में नेताओं ने अवैध नागरिकों को वोटर लिस्ट, सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों में शामिल करने में मदद की है।
? ऑनलाइन सट्टा और हवाला ट्रांजेक्शन में भी इनका बड़ा हाथ है।

?‍⚖️ सरकारी एजेंसियों की चौकसी और भविष्य की योजना

  • पुलिस, ATS और STF मिलकर सघन जांच अभियान चला रहे हैं

  • आने वाले समय में STF का अलग सेटअप और भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी

  • हर जिले में अवैध दस्तावेजों की स्कैनिंग और वेरिफिकेशन की कार्रवाई तेजी से जारी

 वोट बैंक की राजनीति से देश की सुरक्षा को खतरा

जहां एक ओर सरकार अवैध नागरिकों पर कार्रवाई कर रही है, वहीं कुछ राजनीतिक तत्व इन्हें संरक्षण देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को दांव पर लगा रहे हैं। यह आवश्यक है कि ऐसे नेताओं की पहचान कर उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई हो।अवैध नागरिकों पर कसा शिकंजा

Nidar Chhattisgarh Desk

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