बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए राजस्थान सरकार की नई पहल, स्कूलों में अब पढ़ाया जाएगा ‘हेल्दी हैबिट्स’ का पाठ

मुख्य बिंदु:
राजस्थान के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!बच्चों में बढ़ते मोटापे, मधुमेह और हृदय रोगों के खतरे को देखते हुए लिया गया फैसला।
अभियान में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को किया जाएगा शामिल।
हर स्कूल में एक छात्र को बनाया जाएगा ‘स्वास्थ्य दूत’।
जयपुर: बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए राजस्थान सरकार की नई पहल, स्कूलों में अब पढ़ाया जाएगा ‘हेल्दी हैबिट्स’ का पाठ, राजस्थान में अब स्कूली बच्चों को मोटापे और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में “हेल्दी हैबिट्स” यानी स्वस्थ आदतों को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिसमें बच्चों को कम तेल और फास्ट फूड के नुकसान के बारे में सिखाया जाएगा।
क्यों पड़ी इस अभियान की जरूरत?
विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बच्चों में मोटापा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। फास्ट फूड, अधिक चीनी और तेल वाले भोजन के प्रति बढ़ते झुकाव के कारण उनमें कम उम्र में ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों का खतरा बढ़ रहा है। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है, ताकि बच्चों को शुरुआत से ही स्वस्थ जीवन शैली के महत्व को समझाया जा सके।बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए राजस्थान सरकार की नई पहल,
तेल कम, सेहत ज्यादा: स्कूलों में क्या-क्या होगा?
इस अभियान के तहत स्कूलों में कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
विशेषज्ञों के लेक्चर: स्कूलों में स्वास्थ्य और आहार विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा, जो बच्चों को बताएंगे कि ज्यादा तेल वाला खाना क्यों हानिकारक है और कम तेल खाने के क्या फायदे हैं।
प्रार्थना सभा में जानकारी: रोजाना प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को बढ़ते मोटापे के खतरों और स्वस्थ भोजन की आदतों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
जागरूकता सामग्री: स्कूलों में चेतावनी बोर्ड और अन्य सूचनात्मक पोस्टर लगाए जाएंगे, ताकि संदेश सभी बच्चों तक पहुंचे।
हर स्कूल में बनेगा एक ‘स्वास्थ्य दूत’
इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए हर स्कूल में विद्यार्थियों के बीच से ही एक छात्र का चयन ‘स्वास्थ्य दूत’ (Health Ambassador) के रूप में किया जाएगा। यह स्वास्थ्य दूत अन्य छात्रों को स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और शिक्षकों की मदद करेगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए राजस्थान सरकार की नई पहल,
दौसा की मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, इंद्रा गुप्ता ने भी पुष्टि की है कि जिले के स्कूलों में इस गाइडलाइन के अनुसार जल्द ही कार्य योजना बनाकर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे ताकि बच्चों के भविष्य को स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जा सके।बच्चों को मोटापे से बचाने के लिए राजस्थान सरकार की नई पहल,



















