दंतेवाड़ा में रोमांच का नया ठिकाना: ‘बारसूर मिस्ट्री ट्रिप’ में ट्रेजर हंट और रिवर कैंपिंग ने जीता पर्यटकों का दिल

दंतेवाड़ा में रोमांच का नया ठिकाना: ‘बारसूर मिस्ट्री ट्रिप’ में ट्रेजर हंट और रिवर कैंपिंग ने जीता पर्यटकों का दिल. छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा जिला अब केवल अपनी धार्मिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी देश के नक्शे पर उभर रहा है। हाल ही में जिले के ऐतिहासिक स्थल बारसूर में ‘बारसूर मिस्ट्री ट्रिप’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पर्यटकों को रोमांच के एक नए स्तर से रूबरू कराया।
20 और 21 दिसंबर को आयोजित इस दो दिवसीय ट्रिप में एडवेंचर स्पोर्ट्स से लेकर स्थानीय संस्कृति के अद्भुत संगम देखने को मिले।दंतेवाड़ा में रोमांच का नया ठिकाना
प्रदेश की सबसे लंबी जिपलाइन का रोमांच
इस मिस्ट्री ट्रिप का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ की सबसे लंबी जिपलाइन रही। ऊंचाइयों से बारसूर की प्राकृतिक खूबसूरती को निहारना प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा। इसके साथ ही, बारसूर एडवेंचर स्पोर्ट्स की अन्य गतिविधियों ने भी युवाओं को खूब आकर्षित किया।दंतेवाड़ा में रोमांच का नया ठिकाना
मुचनार रिवर कैंपिंग और ट्रेजर हंट का जादू
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में कई अनोखी गतिविधियां शामिल थीं:
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ट्रेजर हंट: रहस्यमयी पहेलियों को सुलझाते हुए छिपे हुए खजाने की तलाश ने सबको रोमांचित कर दिया।
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मुचनार रिवर कैंपिंग: इंद्रावती नदी के किनारे टेंट में रात गुजारना और बोनफायर (अलाव) के साथ गपशप ने सफर को सुकूनभरा बनाया।
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मिट्टी के बर्तन (Pottery): पर्यटकों ने न केवल एडवेंचर किया, बल्कि स्थानीय कुम्हारों के साथ मिलकर मिट्टी के बर्तन बनाने की कला भी सीखी।
पर्यटकों की जुबानी: दंतेवाड़ा है ‘अनएक्सप्लोर्ड’ जन्नत
रायपुर से पहुंचे पर्यटक निखिल ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि दंतेवाड़ा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, “बारसूर में जो एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुविधाएं हैं, उनके बारे में अभी बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है। अगर इसका सही ढंग से प्रचार-प्रसार हो, तो यह देश के बड़े टूरिस्ट स्पॉट को टक्कर दे सकता है।”दंतेवाड़ा में रोमांच का नया ठिकाना
पर्यटन समितियों की संयुक्त पहल
इस शानदार आयोजन के पीछे दंतेवाड़ा की स्थानीय पर्यटन समितियों का बड़ा हाथ है। आयोजनकर्ता तरुण कुमार कुर्राम ने बताया कि इस ट्रिप का उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों को एक नई पहचान देना था।v
इस सफल आयोजन में निम्नलिखित समितियों ने योगदान दिया:
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बारसूर और ढोलकाल पर्यटन समिति
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मुचनार होमस्टे और कोयावेश होमस्टे
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संगम ईको टूरिज्म और ट्रेवलमितान
क्यों खास है बारसूर की यात्रा?
अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और आपको एडवेंचर पसंद है, तो बारसूर मिस्ट्री ट्रिप जैसी पहल आपको छत्तीसगढ़ के एक अलग ही रूप से परिचित कराती है। घने जंगल, ऐतिहासिक मंदिर और अब आधुनिक एडवेंचर स्पोर्ट्स इसे एक परफेक्ट वीकेंड डेस्टिनेशन बनाते हैं।दंतेवाड़ा में रोमांच का नया ठिकाना









