बीजापुर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस: कर्रेगुट्टा समेत 13 नक्सल प्रभावित इलाकों में पहली बार शान से लहराया तिरंगा

बीजापुर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस: कर्रेगुट्टा समेत 13 नक्सल प्रभावित इलाकों में पहली बार शान से लहराया तिरंगा, बस्तर के बीजापुर जिले से एक गौरवशाली तस्वीर सामने आई है। दशकों के डर और नक्सलवाद के साये को पीछे छोड़ते हुए, कर्रेगुट्टा पहाड़ी सहित 13 संवेदनशील इलाकों में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया। यह केवल एक ध्वजारोहण समारोह नहीं था, बल्कि सुरक्षा बलों के अटूट साहस और लोकतंत्र की जीत का प्रतीक था।
नक्सलियों के गढ़ में गूंजा ‘जन-गण-मन’
बीजापुर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस: बीजापुर के जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों पर इस बार गणतंत्र दिवस का रंग अलग ही नजर आया। जिस कर्रेगुट्टा पहाड़ी को कभी नक्सलियों का ‘अभेद्य किला’ कहा जाता था, वहां आज देश की आन-बान और शान तिरंगा पूरी गरिमा के साथ लहरा रहा है। नक्सलियों के खौफ को मिटाकर ग्रामीणों और जवानों ने मिलकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।
21 दिनों का महा-अभियान और 22 हजार जवानों का पराक्रम
बीजापुर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस: इस उपलब्धि के पीछे सुरक्षा बलों का एक बड़ा और कठिन ऑपरेशन था। कर्रेगुट्टा पहाड़ी को नक्सलियों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए करीब 22,000 जवानों ने मोर्चा संभाला था। 21 दिनों तक चले इस सघन ‘एंटी-नक्सल ऑपरेशन’ में सुरक्षा बलों ने 36 नक्सलियों को ढेर कर इस क्षेत्र को सुरक्षित बनाया। इसी साहस का परिणाम है कि आज इन दुर्गम अंचलों में संविधान और तिरंगे की उपस्थिति दर्ज हो सकी है।
आईईडी धमाका भी नहीं डिगा सका जवानों का हौसला
बीजापुर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस: गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले नक्सलियों ने अपनी कायराना हरकत दिखाते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर आईईडी (IED) विस्फोट किया था, जिसमें 10 जवान घायल हो गए थे। हालांकि, नक्सलियों की यह साजिश सुरक्षा बलों के बुलंद हौसलों को तोड़ने में नाकाम रही। घायल साथियों की कुर्बानी और जज्बे को सलाम करते हुए, CRPF की 196वीं बटालियन और कोबरा की 204वीं बटालियन के जवानों ने ताड़पाला कैंप में पूरे सैन्य सम्मान के साथ ध्वजारोहण किया।
विकास और विश्वास की नई किरण
बीजापुर में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस: इन इलाकों में तिरंगा फहराना इस बात का संकेत है कि अब नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं और शासन-प्रशासन की पहुंच अंतिम छोर तक बढ़ रही है। बीजापुर के इन 13 इलाकों में तिरंगे का लहराना स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा और विकास के प्रति एक नया विश्वास पैदा कर रहा है।



















