
नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि यूपीएससी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। साल 2026 से सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (UPSC Prelims) के बाद अब उम्मीदवारों को आंसर-की (Answer Key) का लंबा इंतज़ार नहीं करना होगा।
2026 से प्रोविजनल आंसर-की होगी जारी
UPSC New Rules: 2026केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यूपीएससी ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं। इसके तहत, वर्ष 2026 की प्रारंभिक परीक्षा से आयोग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ‘प्रोविजनल आंसर-की’ जारी करना शुरू कर देगा। यह व्यवस्था यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी संरचित (Structured) परीक्षाओं पर समान रूप से लागू होगी।
QPRep पोर्टल: गलत सवालों पर दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
UPSC New Rules: 2026अब उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र में किसी भी प्रकार की तथ्यात्मक त्रुटि या विसंगति को चुनौती देने का मौका मिलेगा। इसके लिए यूपीएससी ने ‘क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल’ (QPRep) विकसित किया है।
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छात्र इस पोर्टल के माध्यम से सीधे अपनी आपत्तियां दर्ज कर पाएंगे।
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इसके अलावा, उम्मीदवार CPGRAMS और ईमेल जैसे माध्यमों का उपयोग करके भी अपनी शिकायतें आयोग तक पहुंचा सकते हैं।
प्रीलिम्स के मार्क्स कब होंगे जारी?
UPSC New Rules: 2026आंसर-की को लेकर नियम बदलने के बावजूद, अंकों (Marks) के खुलासे की प्रक्रिया में पुरानी नीति ही बरकरार रहेगी। मंत्री जितेंद्र सिंह ने साफ किया कि यद्यपि आंसर-की परीक्षा के तुरंत बाद उपलब्ध करा दी जाएगी, लेकिन व्यक्तिगत उम्मीदवारों के प्रारंभिक परीक्षा के अंक केवल फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद ही सार्वजनिक किए जाएंगे।
UPSC New Rules: 2026इसके साथ ही, विभिन्न वैकल्पिक विषयों (Optional Subjects) के बीच समानता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग ‘इंटर-सब्जेक्ट मॉडरेशन’ की पद्धति को जारी रखेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी विशेष विषय के चयन के कारण छात्र को अंकों का नुकसान न हो।
CSAT और मूल्यांकन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण
सदन में CSAT पेपर के स्तर को लेकर पूछे गए सवाल पर सरकार ने स्पष्ट किया कि:
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क्वालिफाइंग नेचर: CSAT केवल एक क्वालिफाइंग पेपर है, जिसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।
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कठिनाई का स्तर: इस पेपर का मानक मैट्रिक (10वीं कक्षा) के स्तर का ही रखा जाता है, जिसका उद्देश्य छात्र की तार्किक और विश्लेषणात्मक क्षमता को परखना है।
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पारदर्शिता: वर्णनात्मक (Descriptive) उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और मॉडरेशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी यूपीएससी की वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध है।
UPSC New Rules: 2026यूपीएससी द्वारा किए जा रहे ये सुधार परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाएंगे। 2026 से लागू होने वाले इन नियमों से उम्मीदवारों को अपनी तैयारी का सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी।









