
नई ठगी के तरीकों से छत्तीसगढ़ में बढ़ रही साइबर क्राइम की घटनाएं
दुर्ग। इन दिनों देशभर में ऑनलाइन ठगी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, और अब छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों से भी इन अपराधों का संबंध सामने आ रहा है। साइबर अपराधी अब सीधे-सादे लोगों से बैंक खाते खुलवा रहे हैं और उन्हें एकमुश्त कमीशन या किराया देकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं। गृह मंत्रालय के आदेश पर, ऐसे खाताधारकों और उनके एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में रायपुर और बिलासपुर में ऐसे ही मामलों का खुलासा हुआ, और अब दुर्ग में भी पुलिस ने 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑनलाइन ठगी में छत्तीसगढ़ के बैंक खातों का इस्तेमाल, 2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन
2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन, म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल
दुर्ग पुलिस ने म्यूल अकाउंट्स की तस्दीक कर 35 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, अब तक इन खातों में कुल 2 करोड़ 85 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। इनमें से 15 खाताधारक और 20 खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ऑनलाइन ठगी में छत्तीसगढ़ के बैंक खातों का इस्तेमाल, 2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन
कर्नाटका बैंक में खुलवाए गए म्यूल अकाउंट्स
साइबर अपराधियों ने कर्नाटका बैंक की शाखाओं का इस्तेमाल कर म्यूल अकाउंट्स खुलवाए थे। पुलिस ने इन खातों का विश्लेषण किया और पाया कि इन खातों में देशभर से साइबर फ्रॉड से प्राप्त कुल 86,33,247 रुपये जमा हुए थे। इन खातों का उपयोग अवैध धन के ट्रांजेक्शन में किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और यह खुलासा हुआ कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के पैसों को सुरक्षित रूप से हासिल करने के लिए किया गया था। ऑनलाइन ठगी में छत्तीसगढ़ के बैंक खातों का इस्तेमाल, 2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन
म्यूल अकाउंट्स: साइबर अपराध का नया तरीका
म्यूल अकाउंट्स वे बैंक खाते होते हैं, जिन्हें अपराधी निर्दोष व्यक्तियों के नाम पर खुलवाते हैं। इन खातों के माध्यम से साइबर अपराधी बिना किसी जोखिम के ठगी की रकम को एक से दूसरे खाते में ट्रांसफर करते हैं। यह रकम बाद में मनी लांड्रिंग और अन्य अपराधों के लिए इस्तेमाल की जाती है। म्यूल अकाउंट्स को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे फेसबुक और टेलीग्राम के जरिए खोला जाता है। ऑनलाइन ठगी में छत्तीसगढ़ के बैंक खातों का इस्तेमाल, 2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और कार्रवाई
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया, उनमें प्रदीप कुमार महतो, निखार मेश्राम, सुनील बारिक, सौरम कोठारी, कमलेश साहू, और कई अन्य शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है। इन आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। ऑनलाइन ठगी में छत्तीसगढ़ के बैंक खातों का इस्तेमाल, 2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन
म्यूल अकाउंट्स के खतरे: जानें कैसे होते हैं ये अपराध
- म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल साइबर अपराधी मनी लांड्रिंग के लिए करते हैं।
- इन खातों का प्रयोग ठगी की रकम को एक से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।
- इन खातों को ऑनलाइन ठगी, सट्टेबाजी, और फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग जैसे अपराधों में इस्तेमाल किया जाता है।
- म्यूल अकाउंट्स से जुड़ा अपराध अक्सर विदेशों से भी संचालित होता है। ऑनलाइन ठगी में छत्तीसगढ़ के बैंक खातों का इस्तेमाल, 2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन
सबसे महत्वपूर्ण है सतर्क रहना
इस मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए लोगों को अपनी वित्तीय जानकारी और बैंक खाता विवरणों को सुरक्षित रखना चाहिए। ऑनलाइन ठगी में छत्तीसगढ़ के बैंक खातों का इस्तेमाल, 2.85 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन


















