सारंगढ़: मसानकूड़ा में शराब दुकान खुलने से भड़के ग्रामीण, बोले- ‘बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, उग्र आंदोलन को होंगे बाध्य’
स्कूल से महज 300 मीटर दूर प्रस्तावित शराब दुकान का भारी विरोध; ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी प्रशासन को 'अंतिम चेतावनी'

सारंगढ़: सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मसानकूड़ा में प्रस्तावित नवीन शासकीय मदिरा दुकान के विरोध में पूरा गांव लामबंद हो गया है। गांव के रिहायशी इलाके और स्कूल के नजदीक शराब दुकान खोलने की कवायद से महिलाओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को नशे के अंधकार में धकेलने की अनुमति नहीं देंगे।
पंचायत लेंध्रा की, दुकान मसानकूड़ा के पास?
ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासकीय मदिरा दुकान की स्वीकृति लेंध्रा पंचायत के लिए मिली है, लेकिन इसे मसानकूड़ा गांव के बेहद करीब खोलने की तैयारी चल रही है। इस निर्णय के खिलाफ गांव के बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं सभी एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन का यह फैसला गांव की शांति और सौहार्द पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मसानकूड़ा में शराब दुकान खुलने से भड़के ग्रामीण, बोले- ‘बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, उग्र आंदोलन को होंगे बाध्य’
शिक्षा के मंदिर के पास मदिरालय क्यों?
विरोध का मुख्य कारण बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर शराब दुकान प्रस्तावित है, वहां से स्कूल की दूरी महज 300 से 400 मीटर है।मसानकूड़ा में शराब दुकान खुलने से भड़के ग्रामीण, बोले- ‘बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, उग्र आंदोलन को होंगे बाध्य’
बेटियों की सुरक्षा पर संकट: ग्रामीणों ने चिंता जताई कि स्कूल जाने के लिए बच्चों को उसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। अगर वहां शराब दुकान खुली, तो शराबी तत्वों का जमावड़ा लगेगा, जिससे विशेषकर स्कूली छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
माहौल बिगड़ने का डर: ग्रामीणों का कहना है कि शराब दुकान खुलने से असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ेगी और गांव का शांत माहौल दूषित हो जाएगा।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, दी चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन की प्रतियां जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत और आबकारी विभाग को भी भेजी गई हैं।मसानकूड़ा में शराब दुकान खुलने से भड़के ग्रामीण, बोले- ‘बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, उग्र आंदोलन को होंगे बाध्य’
ग्रामीणों ने प्रशासन को कड़े शब्दों में ‘अंतिम चेतावनी’ देते हुए कहा है कि यह मांग केवल अनुरोध नहीं है। यदि बच्चों की राह में नशे की दुकान खड़ी की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।मसानकूड़ा में शराब दुकान खुलने से भड़के ग्रामीण, बोले- ‘बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, उग्र आंदोलन को होंगे बाध्य’
‘गांव की अस्मिता की लड़ाई’
विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने इसे केवल एक दुकान का विरोध नहीं, बल्कि ‘गांव की अस्मिता की लड़ाई’ बताया है। उन्होंने कहा, “प्रशासन चाहे जो कर ले, हम बच्चों के भविष्य और बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं और दुकान नहीं हटाई गई, तो ग्रामीण स्वयं उस दुकान को हटाने से परहेज नहीं करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”मसानकूड़ा में शराब दुकान खुलने से भड़के ग्रामीण, बोले- ‘बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, उग्र आंदोलन को होंगे बाध्य’



















