
रायपुर के 90 गांवों में जमीन पर ‘सरकारी ताला’! 4 महा-प्रोजेक्ट के लिए खरीदी-बिक्री पर रोक, ग्रामीण परेशान
रायपुर के 90 गांवों में जमीन पर ‘सरकारी ताला’! विकास की बड़ी-बड़ी योजनाओं की घोषणा तो हो गई, लेकिन इसका पहला असर राजधानी रायपुर के 90 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों पर कहर बनकर टूटा है। प्रशासन ने चार बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स के लिए इन गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री, सीमांकन और यहां तक कि बंटाकन पर भी रोक लगा दी है। नतीजा यह है कि ग्रामीण न तो अपनी जरूरत के लिए जमीन बेच पा रहे हैं और न ही कोई जमीन खरीद पा रहा है, जिससे वे असमंजस और परेशानी की स्थिति में फंस गए हैं।
सबसे बड़ी मुश्किल: पूरा गांव बंद, पर कौन सी जमीन जाएगी, पता नहीं!
प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीणों की परेशानी इसलिए और भी बढ़ गई है क्योंकि आदेश में सिर्फ गांवों के नाम का उल्लेख है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अधिग्रहण के दायरे में कौन-से खसरा नंबर (जमीन के प्लॉट) आएंगे। इस वजह से पूरे गांव में जमीन से जुड़ा हर काम ठप पड़ गया है। जरूरतमंद किसान, जिन्हें इलाज या शादी-ब्याह जैसे कामों के लिए पैसे की जरूरत है, वे अपनी ही जमीन के मालिक होते हुए भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।रायपुर के 90 गांवों में जमीन पर ‘सरकारी ताला’!
ये हैं वो 4 महा-प्रोजेक्ट जिनकी वजह से लगी है रोक

प्रशासन ने इन चार बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की है:
खरसिया-नवा रायपुर-परमलकसा रेलवे लाइन: इस प्रोजेक्ट के लिए तिल्दा, आरंग, अभनपुर और खरोरा ब्लॉक के 35 गांव प्रभावित हो रहे हैं।
रायपुर-सारंगगढ़ फोरलेन सड़क: इसके दायरे में निमोरा, सिलतरा, नरदहा, खैरा समेत 36 गांव आ रहे हैं।
क्रास कंट्री उत्पाद पाइपलाइन (विशाखापट्टनम से रायपुर): इसके लिए आरंग और मंदिरहसौद तहसीलों के कुम्हारी, गौरभाठ, गुजरा, पलौद समेत कई गांव शामिल हैं।
नगर विकास योजना: इसके तहत रमचंडी, बरौदा, सेरीखेड़ी, रीको जैसे गांवों की जमीनें ली जा रही हैं।
रोक लगी, पर काम कब शुरू होगा? ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल
चिंता की बात यह है कि जिन प्रोजेक्ट्स के लिए महीनों पहले रोक लगाई गई है, उनका काम अभी तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है। रेलवे लाइन के लिए 15 अप्रैल से रोक लगी है, लेकिन अब तक प्रभावित होने वाले खसरों का चिन्हांकन तक पूरा नहीं हुआ है। इसी तरह, सड़क और पाइपलाइन के लिए भी आदेश हाल ही में जारी हुए हैं। यह देरी ग्रामीणों की समस्याओं को और बढ़ा रही है।रायपुर के 90 गांवों में जमीन पर ‘सरकारी ताला’!
प्रशासन ने स्वीकारी रोक की बात
इस मामले पर अपर कलेक्टर (राजस्व) कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा है कि सड़क, रेलवे लाइन और पाइपलाइन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसके चलते जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि नगर विकास योजना के तहत भी प्रभावित गांवों में भूमि खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई जाएगी।रायपुर के 90 गांवों में जमीन पर ‘सरकारी ताला’!



















