LIVE UPDATE
दंतेवाड़ा

छत्तीसगढ़ में अनाज की बर्बादी: दंतेवाड़ा के गीदम वेयरहाउस में 18 करोड़ का चावल सड़ा, जांच के घेरे में जिम्मेदार

दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ में अनाज की बर्बादी: दंतेवाड़ा के गीदम वेयरहाउस में 18 करोड़ का चावल सड़ा, जांच के घेरे में जिम्मेदार, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से सरकारी अनाज की भारी बर्बादी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गीदम स्थित स्टेट वेयरहाउस में रखा लगभग 30 हजार क्विंटल PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) चावल फफूंद लगने के कारण पूरी तरह खराब हो गया है। इस बर्बादी से सरकारी खजाने को लगभग 18 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। बीजापुर और सुकमा जिलों से चावल की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों के बाद जब जांच की गई, तो इस बड़े लापरवाही का खुलासा हुआ।

तीन स्टैक चावल पूरी तरह बर्बाद: सड़े हुए अनाज को खपाने की थी तैयारी?

छत्तीसगढ़ में अनाज की बर्बादी: जांच दल ने पाया कि गोदाम में रखे तीन बड़े स्टैक (ढेर) में चावल पूरी तरह सड़ चुका है और उसमें फफूंद लग गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खराब चावल को साफ करके बाजार या वितरण प्रणाली में खपाने की कोशिश की जा रही थी। इसके लिए करीब 50 मजदूरों को काम पर लगाया गया था, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

दोषी अधिकारी फरार: नोटिस मिलते ही गोदाम प्रभारी और मैनेजर हुए लापता

छत्तीसगढ़ में अनाज की बर्बादी: मामले की गंभीरता को देखते हुए जब प्रशासन ने गोदाम प्रभारी और ब्रांच मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया, तो वे जवाब देने के बजाय फरार हो गए। अधिकारियों का इस तरह गायब होना इस पूरे प्रकरण में किसी बड़ी मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।

लाखों का फ्यूमीगेशन फेल: रखरखाव में बड़ी लापरवाही

छत्तीसगढ़ में अनाज की बर्बादी: नियमों के मुताबिक, सरकारी गोदामों में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर ‘फ्यूमीगेशन’ (कीटनाशक उपचार) किया जाता है, जिस पर लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में चावल का सड़ना यह दर्शाता है कि या तो रखरखाव केवल कागजों पर हुआ या फिर मिलों से ही घटिया गुणवत्ता का चावल सप्लाई किया गया था। अब जांच इस बिंदु पर भी केंद्रित है कि गुणवत्ता जांच (Quality Check) के दौरान इसे पास कैसे किया गया।

सियासी घमासान: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगाया घोटाले का आरोप

छत्तीसगढ़ में अनाज की बर्बादी: चावल की इस बर्बादी पर छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे एक सोची-समझी साजिश और बड़ा ‘चावल घोटाला’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में निचले स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की मिलीभगत हो सकती है। बघेल ने मांग की है कि इस करोड़ों रुपये के नुकसान की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

प्रशासन सख्त: DMO ने दिए कड़े निर्देश

छत्तीसगढ़ में अनाज की बर्बादी: जिला विपणन अधिकारी (DMO) ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि जब तक पूरी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक गोदाम से चावल का एक भी दाना बाहर नहीं भेजा जाएगा। प्रशासन अब स्टॉक रजिस्टर और मिलर्स के रिकॉर्ड को खंगालने में जुटा है।

Pooja Chandrakar

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE