जब भरी सभा में पुतिन बोलते रहे और दुनिया ने कुछ नहीं सुना! रूस के राष्ट्रपति के साथ हुआ अजीब वाकया

जब भरी सभा में पुतिन बोलते रहे और दुनिया ने कुछ नहीं सुना! रूस के राष्ट्रपति के साथ हुआ अजीब वाकया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जिनकी एक आवाज पर दुनिया की नजरें टिकी होती हैं, उन्हें हाल ही में एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा। दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराने वाले पुतिन एक छोटी सी तकनीकी खामी के आगे बेबस नजर आए। तुर्कमेनिस्तान की राजधानी में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबको हैरान कर दिया।
तकनीकी खामी ने रोका पुतिन का रास्ता
तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात में आयोजित ‘इंटरनेशनल फोरम ऑन पीस एंड ट्रस्ट’ (International Forum on Peace and Trust) के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंच पर बोलने के लिए आए, तो पूरा हॉल शांत था। हर कोई यह सुनने को बेताब था कि यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच पुतिन क्या संदेश देंगे। पुतिन ने बोलना शुरू किया, उनके होंठ हिल रहे थे, हाव-भाव भी आक्रामक थे, लेकिन हॉल में उनकी आवाज गूंज ही नहीं रही थी।जब भरी सभा में पुतिन बोलते रहे और दुनिया ने कुछ नहीं सुना!
पुतिन को देर से हुआ अहसास, चेहरे पर दिखी मायूसी
दरअसल, मंच पर लगा राष्ट्रपति का माइक्रोफोन काम नहीं कर रहा था। पुतिन अपने प्रवाह में बोलते जा रहे थे, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण उनकी आवाज दर्शकों तक नहीं पहुंच पा रही थी। कुछ देर बाद जब उन्हें अहसास हुआ कि कोई उन्हें सुन नहीं पा रहा है, तो वह रुक गए। इस वाकये के दौरान उनके चेहरे पर हल्का गुस्सा और अपनी बात न कह पाने की मायूसी साफ देखी जा सकती थी। जो नेता दुनिया के बड़े-बड़े मुल्कों को चुनौती देता है, उसे एक छोटे से माइक्रोफोन ने कुछ पलों के लिए खामोश कर दिया।जब भरी सभा में पुतिन बोलते रहे और दुनिया ने कुछ नहीं सुना!
एक तरफ माइक बंद, दूसरी तरफ दुनिया में बज रही खतरे की घंटी
भले ही मंच पर पुतिन की आवाज कुछ देर के लिए थमी हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर रूस को लेकर शोर बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया भर में तनाव का माहौल है:
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नाटो की चेतावनी: नाटो (NATO) प्रमुख ने अपने सदस्य देशों को किसी भी स्थिति, यहां तक कि युद्ध के लिए भी तैयार रहने का अल्टीमेटम दे दिया है।
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ब्रिटेन में डर का माहौल: यूके की मीडिया अपने नागरिकों को यह बता रही है कि अगर युद्ध छिड़ता है, तो सुरक्षित ठिकाने कहां मिलेंगे। यह ब्रिटेन में बढ़ते खतरे की आशंका को दर्शाता है।
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यूक्रेन का पलटवार: उधर, यूक्रेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बीच शांति प्रस्तावों पर सवाल उठाए हैं। हाल ही में यूक्रेन द्वारा एक रूसी ऑयल प्लेटफॉर्म पर किए गए हमले ने आग में घी का काम किया है।









