टोकन नहीं मिला तो किसान ने ब्लेड से रेता अपना गला! धान खरीदी पर बवाल, सड़कों पर उतरी कांग्रेस

टोकन नहीं मिला तो किसान ने ब्लेड से रेता अपना गला! धान खरीदी पर बवाल, सड़कों पर उतरी कांग्रेस. छत्तीसगढ़ में जारी धान खरीदी का महापर्व अब विवादों और दुखद घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। महासमुंद जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ धान बेचने के लिए टोकन न मिलने से हताश एक बुजुर्ग किसान ने आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
धान बेचने की जद्दोजहद: 3 दिन भटका, फिर उठाया खौफनाक कदम
यह पूरा मामला महासमुंद जिले के बागबहरा विकासखंड के ग्राम सेनभांठा का है। यहाँ के रहने वाले बुजुर्ग किसान मनबोध गांडा पिछले तीन-चार दिनों से अपनी धान बेचने के लिए टोकन कटवाने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ‘लिमिट’ कम होने की वजह से उनका ऑनलाइन टोकन नहीं कट पा रहा था।टोकन नहीं मिला तो किसान ने ब्लेड से रेता अपना गला!
रोज-रोज के चक्कर काटने और धान न बिक पाने की निराशा में किसान का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को हताश होकर उन्होंने ब्लेड से अपना गला रेतकर आत्महत्या करने की कोशिश की। खून से लथपथ किसान को देखकर मौके पर हड़कंप मच गया।टोकन नहीं मिला तो किसान ने ब्लेड से रेता अपना गला!
रायपुर रेफर, सर्जरी के बाद बची जान
गंभीर हालत में किसान को पहले बागबहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उन्हें जिला अस्पताल और फिर हालत नाजुक देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया। राजधानी के डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी कर किसान की जान बचा ली है, लेकिन इस घटना ने सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।टोकन नहीं मिला तो किसान ने ब्लेड से रेता अपना गला!
सड़क पर संग्राम: सरकार का पुतला फूंका, कांग्रेस ने बोला हमला
किसान द्वारा आत्महत्या के प्रयास की खबर फैलते ही कांग्रेस आक्रामक हो गई। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेताओं ने सरकार का पुतला जलाया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पंकज शर्मा, प्रमोद दुबे और शहर अध्यक्ष कुमार मेनन सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए।टोकन नहीं मिला तो किसान ने ब्लेड से रेता अपना गला!
“किसान परेशान, सरकार मस्त”: विपक्ष के तीखे बोल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश का अन्नदाता धान खरीदी केंद्रों पर रोज नई-नई समस्याओं से जूझ रहा है। बारदाने की कमी हो या टोकन की समस्या, किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नेताओं का कहना है कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण किसान ऐसे घातक कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन और उग्र होगा।टोकन नहीं मिला तो किसान ने ब्लेड से रेता अपना गला!









