छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों का आतंक: बाघ और हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत
सूरजपुर में बाघ के पंजों के निशान, गरियाबंद में दंतैल हाथियों का उत्पात; 30 गांवों में हाई अलर्ट

छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों का आतंक: बाघ और हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत, राज्य के सूरजपुर और गरियाबंद जिले में वन्यजीवों की बढ़ती घुसपैठ ने ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है। एक ओर जहां सूरजपुर के बिहारपुर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से लोग खौफ में हैं, वहीं गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर और पांडुका क्षेत्रों में दंतैल हाथियों के उत्पात ने 30 से अधिक गांवों में हाई अलर्ट जारी करवा दिया है।
सूरजपुर में बाघ की वापसी से दहशत:
सूरजपुर जिले के बिहारपुर क्षेत्र में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान से लगे चांदनी बिहारपुर इलाके के जंगलों में वन विभाग की टीम को बाघ के ताजे पंजों के निशान मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, बैजनपाठ लू और मोहरसोप के जंगलों में ये निशान साफ दिखाई दिए, जिसके बाद से ग्रामीण भयभीत हैं। वन विभाग फिलहाल अलर्ट मोड पर है और जंगलों में लगातार सर्चिंग अभियान चला रहा है। ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि दो वर्ष पूर्व इसी क्षेत्र में बाघ के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।बाघ और हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत
गरियाबंद में हाथियों का उत्पात, 30 गांवों में हाई अलर्ट:
वहीं, गरियाबंद जिले में दो दंतैल हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। बीती रात हाथियों की आमद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जिले के फिंगेश्वर और पांडुका क्षेत्र में इन जंगली हाथियों की मौजूदगी के चलते 30 से अधिक गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण हाथियों को ट्रैक करने में भारी दिक्कतें आ रही हैं।बाघ और हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत
गांवों में मची तबाही, रातों की नींद हराम:
जानकारी के अनुसार, एक हाथी फिलहाल फिंगेश्वर क्षेत्र के सरकड़ा के जंगलों में घूम रहा है, जबकि दूसरा हाथी पांडुका क्षेत्र के खदराही गांव तक पहुंच गया है। खदराही गांव में हाथी ने घरों के आसपास तबाही मचाई और फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने बताया कि रात भर लोगों की नींद उड़ी रही और पूरा गांव डर के साए में रहा।बाघ और हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत
बारिश से निगरानी में बाधा:
इसी बीच झरझरा माता मंदिर वॉटरफॉल के पास भी हाथी की मौजूदगी की सूचना मिली है, जिसे देखते हुए वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। वन विभाग की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी स्थिति में बाहर न निकलें और हाथियों से दूरी बनाए रखें। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण हाथियों की मूवमेंट पर निगरानी रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो रहा है, जिससे हाथियों को ट्रैक करने में परेशानी हो रही है। प्रशासन और वन विभाग दोनों ही स्थितियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।बाघ और हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत
आप छत्तीसगढ़ के एक ग्रामीण गांव में घूमते हुए एक बाघ की तस्वीर देख सकते हैं, उसके पंजों के निशान जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल है।बाघ और हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत



















