एक्सप्रेस-वे के निर्माण दौरान बोरवेल में फंसा कर्मी, रेस्क्यू जारी

NCG NEWS DESK जालंधर : दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान करतारपुर-कपूरथला रोड पर गांव बसरामपुर में पुल बनाने के लिए खोदे जा रहे बोरवेल के ढहने से एक कर्मचारी 20 फीट नीचे फंस गया। अतिरिक्त उपायुक्त जालंधर जसबीर सिंह ने रविवार को बताया कि देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम को तैनात किया गया। इसके अलावा मिट्टी हटाने के लिए भारी मशीनरी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक एम्बुलेंस और एक मेडिकल टीम भी तैनात की गई है।
बोरवेल बनाने के काम के दौरान कंस्ट्रक्शन कंपनी की बोरिंग मशीन फंस गई, जिसे निकालने के लिए दिल्ली से दो तकनीकि कर्मचारियों को बुलाया गया था। काम करने वाली कंपनी के पास 25 साल का अनुभव था और तकनीकी कर्मचारी पूरे बचाव उपकरणों से लैस होकर बोर में उतरे थे। लेकिन बोर की सफाई करते समय अचानक हुए हादसे में कर्मचारी सुरेश करीब 20 मीटर नीचे फंस गया। अतिरिक्त उपायुक्त (शहरी विकास) जालंधर जसबीर सिंह पूरे बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। सिविल, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
दिल्ली-अमृतसर-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे प्रोजैक्ट के तहत करतारपुर कस्बे से कपूरथला को जाते हुए गांव बशरामपुर के पास हाईवे प्रोजैक्ट चल रहा है। सभी स्थानीय सडक़ों पर फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं ताकि एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक रैगुलर चलता रहे। इसी योजना के तहत करतारपुर से कपूरथला रोड के ऊपर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है, जिसके पिलर बनाने के लिए आर-1500 मशीन के साथ जमीन में बोर किया जा रहा है। जमीन में बोर करने के बाद इसमें कंक्रीट और पिलर बनाने का काम होता है। शनिवार को अचानक बोर करने वाली मशीन खराब हो गई। मशीन ठीक करने के इंजीनियर पवन और सुरेश को दिल्ली से बुलाया गया था। शाम 7 बजे दोनों सिलैंडर और जरूरी उपकरणों के साथ बोरवेल में उतरे थे। अचानक मिट्टी ढह गई और सुरेश अंदर फंस गया। पवन उसने बचाने के लिए उतरने लगा तो उसकी बेल्ट टूट गई, जिसके चलते वह ऊपर आ गया। इसके बाद दोबारा मिट्टी बोरवेल में जा गिरी। सूचना पर प्रशासन और पुलिस की टीमों ने बचाव कार्य शुरू किया जो कि लगातार जारी है।



















