जंगल के बीच 112 वाहन में सुरक्षित प्रसव: महिला और नवजात दोनों स्वस्थ, कर्मियों ने दिखाई तत्परता

जंगल के बीच 112 वाहन में सुरक्षित प्रसव: महिला और नवजात दोनों स्वस्थ, कर्मियों ने दिखाई तत्परता
? घटना स्थल: खोटखोर्री, थाना बांगो, छत्तीसगढ़
?? महिला का नाम: संगीता कुजूर (22 वर्ष)
? मददगार: डायल 112 के चालक संजय कुमार और आरक्षक राम सिंह श्याम
?⚕️ सहयोग: मितानिन प्रेमा बाई
? जंगल के रास्ते में तेज प्रसव पीड़ा, 112 टीम बनी देवदूत
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र में मानवता की एक मिसाल देखने को मिली। खोटखोर्री गांव की 22 वर्षीय गर्भवती महिला संगीता कुजूर को प्रसव पीड़ा होने पर डायल 112 की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद की। महिला और नवजात दोनों स्वस्थ
? अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुआ प्रसव
संगीता को जब प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों और मितानिन प्रेमा बाई ने तुरंत सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया। 112 वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरगा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में पीड़ा असहनीय हो गई। इस पर वाहन रोक कर वाहन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला और नवजात दोनों स्वस्थ
? जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ
प्रसव के बाद संगीता और नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ और खतरे से बाहर बताया है। 112 टीम की इस तत्परता और संवेदनशीलता की हर ओर सराहना की जा रही है। महिला और नवजात दोनों स्वस्थ
? 112 सेवा बनी जनसेवा की मिसाल
डायल 112 केवल आपात स्थिति में ही नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह घटना बताती है कि कैसे समय पर सहायता से जीवन बचाया जा सकता है।महिला और नवजात दोनों स्वस्थ
✅ सम्बंधित सुझाव
- 112 सेवा को गंभीरता से लें, ये सिर्फ अपराध नहीं बल्कि जीवनरक्षक है।
- मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका को सम्मान दें।
- गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर मेडिकल सुविधा पहुंचाना जरूरी है।



















