टेस्ला का भारत में बड़ा कदम: 8 चार्जिंग स्टेशन और प्रीमियम EV लॉन्च, टाटा-महिंद्रा से होगी टक्कर
मुंबई में पहला शोरूम, एक बार में 252 कारें चार्ज करने की क्षमता
मुंबई में टेस्ला का पहला शोरूम शुरू
टेस्ला का भारत में बड़ा कदम: 8 चार्जिंग स्टेशन और प्रीमियम EV लॉन्च, टेस्ला ने भारत में अपनी एंट्री का आगाज मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में पहला शोरूम खोलकर किया है। कंपनी ने यहां अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV मॉडल Y को लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹60 लाख (एक्स-शोरूम) है। शोरूम के पास ही सर्विस सेंटर और गोडाउन भी स्थापित किए गए हैं।
मुंबई और दिल्ली में 8 चार्जिंग स्टेशन
शोरूम लॉन्च के साथ ही टेस्ला ने मुंबई और दिल्ली में 8 सुपरचार्जिंग स्टेशन लगाने की घोषणा की है, जहां एक साथ 252 इलेक्ट्रिक कारें चार्ज हो सकेंगी। कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अन्य प्रमुख शहरों में भी चार्जिंग नेटवर्क और स्टोर खोले जाएं।टेस्ला का भारत में बड़ा कदम: 8 चार्जिंग स्टेशन और प्रीमियम EV लॉन्च
नई EV पॉलिसी से टेस्ला को फायदा
भारत की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत, अगर कोई कंपनी ₹4,150 करोड़ का निवेश करती है, तो EV इंपोर्ट ड्यूटी 70% से घटकर 15% हो जाएगी। इससे टेस्ला को अपनी गाड़ियों की कीमत कम करने का मौका मिलेगा।टेस्ला का भारत में बड़ा कदम: 8 चार्जिंग स्टेशन और प्रीमियम EV लॉन्च
भारत में टेस्ला क्यों आई?
1. ग्लोबल सेल्स में गिरावट
2024 में अमेरिका, यूरोप और चीन में टेस्ला की बिक्री घटी। जर्मनी और इटली में तो यह क्रमशः 76% और 55% तक कम हो गई। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटो मार्केट है, जहां EV की मांग तेजी से बढ़ रही है।
2. EV की बढ़ती डिमांड
2024 में भारत में EV मार्केट में 19.93% की ग्रोथ के साथ 99,165 गाड़ियां बिकीं।
3. प्रीमियम सेगमेंट में अवसर
भारत में लग्जरी EV की मांग तेजी से बढ़ रही है। टेस्ला की मॉडल Y (₹59.89-67.89 लाख) BMW iX1 और Mercedes EQA से मुकाबला करेगी।
टेस्ला के सामने बड़ी चुनौतियां
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हाई इंपोर्ट ड्यूटी: गाड़ियां CBU के रूप में आयात होने से कीमतें ज्यादा रहेंगी।
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चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: छोटे शहरों में चार्जिंग सुविधा सीमित।
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सर्विस नेटवर्क का अभाव: अभी टेस्ला का सर्विस नेटवर्क बहुत छोटा है।
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ग्राहकों की प्राथमिकताएं: भारत में लोग कीमत और सर्विस को ज्यादा महत्व देते हैं।
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लोकल मैन्युफैक्चरिंग में देरी: 2026-27 से पहले गीगाफैक्ट्री शुरू होने की संभावना कम।
किससे होगी टेस्ला की टक्कर?
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टाटा मोटर्स: EV मार्केट का 60% से अधिक हिस्सा टाटा के पास।
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महिंद्रा एंड महिंद्रा: BE6 और XEV 9e जैसी नई कारें लॉन्च की जाएंगी।
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MG मोटर्स: ZS EV और आने वाली Cyberster टेस्ला को चुनौती देंगी।
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BYD: ATTO 3 और SEAL जैसी कारों से मुकाबला।
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यूरोपियन ब्रांड्स: BMW, Audi और Mercedes पहले से ही लग्जरी EV सेगमेंट में मौजूद।
भारत के EV मार्केट पर असर
टेस्ला के आने से भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर को नई दिशा मिलेगी। हालांकि, शुरुआती दौर में इसका असर प्रीमियम सेगमेंट तक सीमित रहेगा। मास-मार्केट में टाटा और महिंद्रा जैसे ब्रांड्स का दबदबा फिलहाल कायम रहेगा।टेस्ला का भारत में बड़ा कदम: 8 चार्जिंग स्टेशन और प्रीमियम EV लॉन्च