मलेशिया फिर पाकिस्तान के समर्थन में, भारत विरोधी रुख अपनाने पर नई कूटनीतिक चुनौती | India-Malaysia Relations

मलेशिया फिर पाकिस्तान के समर्थन में, भारत विरोधी रुख अपनाने पर नई कूटनीतिक चुनौती | India-Malaysia Relations
नई दिल्ली। तुर्की और अज़रबैजान के बाद अब मलेशिया भी भारत-विरोधी बयानबाज़ी में पाकिस्तान के साथ खड़ा नजर आ रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद मलेशिया ने पाकिस्तान की मांग का समर्थन करते हुए स्वतंत्र जांच की वकालत की है। यह घटनाक्रम भारत के लिए एक नई डिप्लोमैटिक चुनौती बनकर उभरा है।मलेशिया फिर पाकिस्तान के समर्थन में
? शहबाज शरीफ और अनवर इब्राहिम के बीच बातचीत
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का फोन आया था, जिसमें कश्मीर की स्थिति और उनकी मलेशिया यात्रा की स्थगन पर चर्चा हुई। इसके बाद अनवर ने पाकिस्तान की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि—
Malaysia backs Pakistan’s proposal for probe into Pahalgam terror attack: Malaysian readout of PM Sharif, Anwar
Readout:
I received a phone call yesterday from Prime Minister Shehbaz Sharif of Pakistan, who conveyed his decision to postpone his official visit to Malaysia,…
— Sidhant Sibal (@sidhant) May 5, 2025
“मलेशिया हिंसा की निंदा करता है और पारदर्शी जांच का समर्थन करता है। अगर ज़रूरत पड़ी तो हम रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार हैं।”मलेशिया फिर पाकिस्तान के समर्थन में
? यह पहली बार नहीं है जब मलेशिया ने भारत का विरोध किया
यह मलेशिया की ओर से भारत के खिलाफ पहला कदम नहीं है। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भी मलेशिया ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की आलोचना की थी। उस समय के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद के बयान के बाद भारत ने मलेशिया से पाम ऑयल का आयात घटा दिया, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा।मलेशिया फिर पाकिस्तान के समर्थन में
?? भारत की प्रतिक्रिया: क्या होनी चाहिए अगली रणनीति?
भारत को मलेशिया के इस दोहरे रवैये का सख्त जवाब देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार:
- भारत को मलेशिया से आर्थिक संबंधों की समीक्षा शुरू करनी चाहिए।
- पाम ऑयल, मेडिकल टूरिज्म, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में मलेशिया की निर्भरता भारत पर अधिक है।
- इस्लामिक देशों में भारत को अपनी कूटनीतिक पकड़ और मजबूत करनी चाहिए ताकि पाकिस्तान के नैरेटिव को संतुलित किया जा सके।
? इस्लामिक ब्लॉक की रणनीति?
ऐसा माना जा रहा है कि मलेशिया की यह प्रतिक्रिया इस्लामिक देशों की एकजुट रणनीति का हिस्सा हो सकती है, जिसका उद्देश्य भारत के खिलाफ एक मजबूत नैरेटिव खड़ा करना है। भारत को इस प्रकार के सांठगांठ के प्रयासों का डिप्लोमैटिक स्तर पर जवाब देना होगा।मलेशिया फिर पाकिस्तान के समर्थन में



















