☔ मानसून में भी नहीं थमेगा नक्सल ऑपरेशन: जंगलवार ट्रेनिंग से लैस जवान देंगे करारा जवाब
? नक्सलियों के गढ़ में अब बारिश नहीं बनेगी रुकावट, ऑपरेशन मानसून में तेज़ी
जंगलवार ट्रेनिंग से लैस जवान देंगे करारा जवाब, छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब बरसात भी ऑपरेशन को नहीं रोक पाएगी। जवानों को कांकेर के जंगलवार फेयर कॉलेज सहित मिजोरम और आंध्र प्रदेश की स्पेशल फोर्स ग्रेहाउंड्स से कड़ा प्रशिक्षण दिलाया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह की स्पष्ट डेडलाइन के बाद सुरक्षा बलों ने मानसून में भी नक्सलियों पर दबाव बढ़ा दिया है।
?️ बारिश, नदी, जंगल और ज़हर—सभी से लड़ने को तैयार हैं जवान
जवान अब अपने साथ अस्थायी टेंट, रिवर क्रॉसिंग किट, और स्पेशल मेडिकल किट लेकर जंगलों में उतर चुके हैं।
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उफनती नदियां
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कीचड़ से भरे रास्ते
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सांप-बिच्छू जैसे खतरनाक जीव
इन सभी को मात देते हुए जवान नक्सल गढ़ में घुसकर ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।
? रिवर क्रॉसिंग किट बनी जवानों की लाइफलाइन
मानसून में जवानों को जो खास किट दी जाती है, उसमें शामिल हैं:
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मज़बूत रस्सियां और हुक
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वाटरप्रूफ रेनकोट
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फर्स्ट एड और मेडिकल सपोर्ट
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ज़हर से बचाव के इंजेक्शन
इसके ज़रिए जवान कठिन इलाकों में भी 24×7 ऑपरेशन जारी रख पा रहे हैं।
? आँकड़े बताते हैं सलता की कहानी
पिछले 5 सालों में 111 मुठभेड़ में:
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99 हार्डकोर नक्सली ढेर
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743 नक्सली गिरफ्तार
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920 नक्सलियों ने सरेंडर किया
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179 हथियार और 295 आईईडी बरामद
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14 जवान शहीद भी हुए, जिनकी बहादुरी को देश नमन करता है।
?♂️ स्पेशल ट्रेनिंग से बढ़ी ताकत
नक्सल ऑपरेशन से पहले जवानों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाता है:
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कांकेर का जंगलवार कॉलेज
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मिजोरम की स्पेशल फोर्स के साथ अभ्यास
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हैदराबाद में ग्रेहाउंड्स यूनिट के साथ फाइनल ट्रेनिंग
यह ट्रेनिंग जवानों को मानसून में जंगलों में टिके रहने और रणनीति से लड़ने के लिए सक्षम बनाती है।?️ आईजी सुंदरराज पी का संकल्प: “बस्तर को बनाना है शांति का गढ़”
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा:
“बारिश के चलते चुनौतियाँ जरूर बढ़ती हैं, लेकिन हमारे ऑपरेशन धीमे नहीं होंगे। नक्सल हिंसा को जड़ से खत्म कर बस्तर को विकास और विश्वास की राह पर आगे ले जाना हमारा लक्ष्य है। हमारे जवान पूरी निष्ठा के साथ डटे हुए हैं।”जंगलवार ट्रेनिंग से लैस जवान देंगे करारा जवाब