? छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक, शिक्षा विभाग को अवमानना नोटिस

? छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक, शिक्षा विभाग को अवमानना नोटिस
छत्तीसगढ़ में व्याख्याता से प्राचार्य पद पर प्रमोशन को लेकर नया मोड़ सामने आया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा जारी की गई पदोन्नति सूची पर रोक लगाते हुए कड़ी नाराज़गी जाहिर की है।छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक
⚖️ हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई, प्रमोशन सूची पर रोक
राज्य के कई शिक्षक संगठनों और शिक्षकों ने प्राचार्य पदोन्नति के नियमों को लेकर अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद वर्मा) ने 1 मई को आदेश जारी कर राज्य शासन की सूची पर अंतरिम रोक लगा दी।छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक
? 2925 शिक्षकों की प्रमोशन सूची जारी हुई थी
1 मई को स्कूल शिक्षा विभाग ने 2925 शिक्षकों की प्रमोशन सूची जारी की थी जिसमें:
- ई संवर्ग के 1524 शिक्षक
- टी संवर्ग के 1401 शिक्षक शामिल थे।
राज्य शासन के इस निर्णय के खिलाफ शिक्षकों ने कोर्ट का रुख किया, जिसमें प्रमुख याचिकाकर्ता अखिलेश त्रिपाठी रहे। कोर्ट में प्राचार्य पदोन्नति फोरम ने भी हस्तक्षेप याचिका दाखिल की।छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक
⚠️ कोर्ट ने जताई सख्त नाराज़गी, अवमानना का नोटिस भी जारी
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने बताया कि राज्य शासन ने पूर्व में अंडरटेकिंग दी थी, लेकिन हालिया आदेश उस अंडरटेकिंग के खिलाफ है। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए अवमानना का नोटिस जारी किया और राज्य से जवाब मांगा।छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक
? सभी याचिकाएं होंगी क्लब, अगली सुनवाई 7 मई को
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्राचार्य पदोन्नति से जुड़ी सभी याचिकाएं अब एक साथ क्लब कर सुनवाई की जाएंगी। अदालत में पुरुषोत्तम सिंह यदु की एक अन्य याचिका भी भर्ती और पदोन्नति नियम 2019 को लेकर सूचीबद्ध थी।छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक
अब इस मामले में अगली सुनवाई 7 मई 2025 को होगी, जिसमें सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक
प्रमोशन प्रक्रिया पर फिलहाल असमंजस
इस रोक के बाद छत्तीसगढ़ में शिक्षक समुदाय में हलचल है। हाईकोर्ट का यह फैसला दर्शाता है कि सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों की न्यायिक समीक्षा अनिवार्य है, विशेषकर जब अंडरटेकिंग का उल्लंघन हो।छत्तीसगढ़ में व्याख्याताओं की प्राचार्य पदोन्नति पर हाईकोर्ट की रोक



















