छत्तीसगढ़ में 2800 करोड़ का शराब घोटाला! आबकारी विभाग के 9 और अफसर ईओडब्ल्यू की रडार पर

छत्तीसगढ़ में 2800 करोड़ का शराब घोटाला! आबकारी विभाग के 9 और अफसर ईओडब्ल्यू की रडार पर
? स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़
?️♂️ जांच एजेंसी: आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW)
? संदिग्ध अफसर: कुल 30, जिनमें 21 पर FIR दर्ज और 9 पर जल्द होगी कार्रवाई
? घोटाले का आंकलन: लगभग ₹2800 करोड़
? आबकारी विभाग में हड़कंप, बड़ी संख्या में अफसरों पर गाज गिरने की संभावना
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की जांच अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
EOW (Economic Offences Wing) की जांच में खुलासा हुआ है कि 30 आबकारी अधिकारी इस सिंडिकेट में शामिल थे।
इनमें से 21 अधिकारियों के नाम FIR में दर्ज हो चुके हैं, जबकि 9 अन्य अफसरों की संलिप्तता जांच के दौरान उजागर हुई है। छत्तीसगढ़ में 2800 करोड़ का शराब घोटाला
? अभियोजन की स्वीकृति रुकी, आधा विभाग खाली होने का डर!
EOW ने डेढ़ महीने पहले इन 9 अफसरों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति सरकार से मांगी थी,
मगर अब तक फाइल मंत्रालय में अटकी हुई है।
सूत्रों का कहना है कि अगर स्वीकृति मिल जाती है तो जिलों में आबकारी अधिकारी ही नहीं बचेंगे,
क्योंकि अधिकतर जिम्मेदार पदधारी घोटाले में शामिल पाए गए हैं।
? होलोग्राम घोटाले की खुली परतें: 60 लाख पेटियों में बेची गई नकली शराब
EOW द्वारा होलोग्राम बनाने वाली प्राइवेट कंपनी से जब्त लैपटॉप की डाटा रिकवरी से
इस महाघोटाले की पूरी तस्वीर सामने आ चुकी है।
? 60 लाख पेटियों में नकली होलोग्राम लगाए गए
? 1 पेटी = 48 बोतलें, कुल = 28.8 करोड़ बोतलें
? एक बोतल की कीमत ₹80–100
? कुल अनुमानित घोटाला = ₹2800 करोड़
यह शराब सरकारी दुकानों के जरिए ही बेची गई, जिससे घोटाले में विभागीय मिलीभगत स्पष्ट हो जाती है।
? चुप्पी साधे अफसर, घोटाले की भयावहता से मचा बवाल
घोटाले की गूंज के बाद भी किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर बयान नहीं दिया है।
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मामला इतना बड़ा है कि कोई भी जवाबदेही लेने को तैयार नहीं है।
विभागीय ढांचे में हड़कंप है, और कई जिलों में अफसर स्थानांतरण या छुट्टी पर चले गए हैं।
? शराब घोटाले की गणना एक नज़र में:
| घटक | विवरण |
| नकली पेटियाँ | 60 लाख |
| कुल बोतलें | 28.8 करोड़ |
| अनुमानित रेट | ₹80–100 प्रति बोतल |
| कुल नुकसान | ₹2800 करोड़ (लगभग) |
| संलिप्त अफसर | 30 (21 FIR में, 9 EOW के रडार पर) |
⚖️ अब क्या होगा आगे?
अब सबकी नजरें इस पर हैं कि क्या सरकार अभियोजन की अनुमति देती है या मामला फाइलों में ही दफन हो जाएगा।
यह कार्रवाई अगर होती है, तो छत्तीसगढ़ के इतिहास में सबसे बड़ी प्रशासनिक छंटनी देखने को मिल सकती है छत्तीसगढ़ में 2800 करोड़ का शराब घोटाला
- आबकारी विभाग में वर्षों से चल रहे सिंडिकेट का पर्दाफाश
- सरकारी सिस्टम की मिलीभगत से 2800 करोड़ की अवैध कमाई
- जिम्मेदारों को बचाने के प्रयास, लेकिन EOW ने खोले सारे पत्ते
- छत्तीसगढ़ की जनता अब न्यायिक कार्रवाई की मांग कर रही है



















