सस्ते नशे की गिरफ्त में युवा, खिलौनों को जोड़ने वाला केमिकल जिंदगी की डोर तोड़ रहा!

रायगढ़: छोटे बच्चों और किशोरों में सस्ते नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। प्लास्टिक खिलौने और ट्यूब जोड़ने वाले केमिकल को अब नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष रूप से कूड़ा बीनने वाले बच्चे इस खतरनाक लत की चपेट में हैं। वे इसे रूमाल या प्लास्टिक में डालकर सूंघते हैं, जिससे चार से पांच घंटे तक नशे का प्रभाव रहता है। यह नशा धीरे-धीरे उनके जीवन को बर्बाद कर रहा है।
स्थानीय दुकानदार बिना किसी जिम्मेदारी के इस केमिकल को महज 10 से 50 रुपये में बेच रहे हैं। खिलौने या पंक्चर ठीक करने के नाम पर इस केमिकल की बिक्री, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ साबित हो रही है। सस्ते नशे की गिरफ्त में युवा, खिलौनों को जोड़ने वाला केमिकल जिंदगी की डोर तोड़ रहा!
कैसे होता है नशे का इस्तेमाल?
इस नशे का इस्तेमाल करना बेहद सरल है। बच्चे केमिकल को प्लास्टिक की पन्नी में डालकर उसे हथेली में बंद करके नाक के पास ले जाते हैं और गहरी सांस लेते हैं। कुछ मिनटों में नशा उनके शरीर पर हावी हो जाता है, जिससे उनका शरीर सुन्न हो जाता है और वे एक अलग ही दुनिया में खो जाते हैं। सस्ते नशे की गिरफ्त में युवा, खिलौनों को जोड़ने वाला केमिकल जिंदगी की डोर तोड़ रहा!
प्रशासन की निष्क्रियता
इस गंभीर मामले पर जब मीडिया ने सिटी कोतवाली के प्रभारी सुखनंदन पटेल से बात की, तो उन्होंने बयान देने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि नशा करने वाले बच्चों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सस्ते नशे की गिरफ्त में युवा, खिलौनों को जोड़ने वाला केमिकल जिंदगी की डोर तोड़ रहा!



















