अंधविश्वास या हकीकत? पानी पर चलने का दावा करने वाले बाबा की पोल खुली, तालाब में डूबने से बची जान

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नजदीक आरंग इलाके से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां बाबा शिवदास बंजारे ने दावा किया कि वह पानी पर चल सकते हैं। बाबा के इस “चमत्कार” को देखने के लिए तहसीलदार, पटवारी, थाना प्रभारी समेत हजारों लोग तालाब के किनारे इकट्ठा हुए थे। लेकिन जब बाबा ने तालाब में कदम रखा, तो पानी पर चलने के बजाय वह तैरने लगे। इस दृश्य को देखकर लोग आश्चर्यचकित रह गए, और वहां मौजूद लोगों ने इसे अंधविश्वास करार दिया। अंधविश्वास या हकीकत? पानी पर चलने का दावा करने वाले बाबा की पोल खुली, तालाब में डूबने से बची जान
कैसे खुली बाबा की पोल?
तालाब में तैरते हुए थोड़ी ही दूरी तय करने के बाद बाबा गहरे पानी में डूबने लगे। मौके पर मौजूद गोताखोरों की टीम ने तुरंत तालाब में कूदकर बाबा को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों के बीच हंसी-ठिठोली का माहौल बन गया और बाबा के दावे पर संदेह गहराता गया। अंधविश्वास या हकीकत? पानी पर चलने का दावा करने वाले बाबा की पोल खुली, तालाब में डूबने से बची जान
पूरा मामला कहां का है?
यह मामला रायपुर जिले के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कठिया का है। बाबा शिवदास बंजारे ने खुद को दिव्य शक्तियों का स्वामी बताते हुए पानी पर चलने और आग पर बिना जले खाना पकाने जैसे चमत्कार करने का दावा किया था। बाबा के इस दिखावे से अंधविश्वास के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया है। अंधविश्वास या हकीकत? पानी पर चलने का दावा करने वाले बाबा की पोल खुली, तालाब में डूबने से बची जान



















