कोरबा: भू-माफिया के हाथों पत्रकार का ठेला तोड़ा, रेंजर का संरक्षण संदिग्ध

पत्रकार की जीविका का साधन छिन गया
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक क्षेत्रीय वरिष्ठ पत्रकार प्रताप चंद साहू का ठेला भू-माफिया द्वारा तोड़ दिया गया है, जिसे वन विभाग के पसान रेंजर रामनिवास दहायत का संरक्षण प्राप्त है। प्रताप चंद साहू, जो पिछले 40 वर्षों से बस स्टैंड में पान ठेला चलाते आ रहे थे, ने शिकायत की है कि 1 नवंबर को दिलीप साहू नामक एक भू-माफिया ने बिना अनुमति के उनके ठेले को हटवाकर उन्हें गंभीर आर्थिक नुकसान पहुँचाया है। कोरबा: भू-माफिया के हाथों पत्रकार का ठेला तोड़ा, रेंजर का संरक्षण संदिग्ध
अवैध कब्जा और आगजनी की घटनाएं
प्रताप चंद साहू ने बताया कि ठेला हटाने के बाद वहां लकड़ियों का ढेर लगा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ठेले में पहले भी दो बार आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। अब उन्होंने पसान थाना प्रभारी से ठेले को पुनः स्थापित करने की मांग की है। यह मामला इस बात का भी संकेत देता है कि भू-माफिया वन भूमि पर अवैध कब्जा करने में सफल हो रहे हैं। कोरबा: भू-माफिया के हाथों पत्रकार का ठेला तोड़ा, रेंजर का संरक्षण संदिग्ध
रेंजर की मिलीभगत की आशंका
पीड़ित पत्रकार ने बताया कि उन्होंने पहले ही डीएफओ को आवेदन देकर इस मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि पसान वन परिक्षेत्र में स्थित एक वन विभाग की आवासीय भूमि पर भू-माफिया दिलीप साहू द्वारा फर्जी पट्टा दिखाकर अवैध कब्जा किया जा रहा है। ये जमीन बड़े झाड़ जंगल मद की श्रेणी में आती है और इसकी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। कोरबा: भू-माफिया के हाथों पत्रकार का ठेला तोड़ा, रेंजर का संरक्षण संदिग्ध
वन विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस मामले में लीपापोती कर रहे हैं और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने में असफल रहे हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों में वृद्धि होने की संभावना है। कोरबा: भू-माफिया के हाथों पत्रकार का ठेला तोड़ा, रेंजर का संरक्षण संदिग्ध



















