
Korba Check Bounce Case: Korba News Update: न्याय मिलने में देरी भले ही हुई, लेकिन अंततः सच्चाई की जीत हुई। कोरबा के बांकीमोगरा (Bankimogra) में एक प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी के परिवार को 10 साल के लंबे इंतजार के बाद कोर्ट से इंसाफ मिला है। चेक बाउंस के एक पुराने मामले में कोर्ट ने आरोपी ठेकेदार को दोषी करार देते हुए 2.50 लाख रुपये का जुर्माना (Compensation) भरने का आदेश दिया है।
क्या था पूरा मामला? (The Background)
Korba Check Bounce Case: यह विवाद साल 2016 में शुरू हुआ था। बिजली ठेकेदार गौरी साहू ने बांकीमोगरा स्थित विजय इलेक्ट्रॉनिक्स से लगभग 2 लाख रुपये का सामान (वायरिंग, पंखे, लाइट आदि) उधार लिया था। पेमेंट के लिए ठेकेदार ने अपनी फर्म के नाम का चेक दिया, लेकिन जब दुकानदार ने उसे बैंक में लगाया, तो वह ‘Insufficient Funds’ की वजह से बाउंस हो गया।
पिता की मृत्यु के बाद बेटे ने जारी रखी कानूनी लड़ाई
Korba Check Bounce Case: दुकान संचालक विजय साहू ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ कटघोरा न्यायालय (Katghora Court) में परिवाद दायर किया। दुखद बात यह रही कि मामले की सुनवाई के दौरान ही विजय साहू का निधन हो गया। लेकिन उनके बेटे योगेश साहू ने हार नहीं मानी। अपने वकील के माध्यम से उन्होंने केस को आगे बढ़ाया और कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए।
Court Verdict: “पैसे दो या जेल जाओ”
Korba Check Bounce Case: न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC) कटघोरा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया:
Compensation: आरोपी को चेक की मूल राशि (2 लाख) और अतिरिक्त 50 हजार रुपये, यानी कुल 2.50 लाख रुपये देने का आदेश दिया।
The Appeal: इस फैसले के खिलाफ आरोपी ठेकेदार ने अपर सत्र न्यायाधीश एच.के. रात्रे की कोर्ट में अपील की।
Final Decision: 12 जनवरी 2026 को अपीलीय न्यायालय ने भी निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने साफ लहजे में कहा कि आरोपी को तुरंत राशि का भुगतान करना होगा, अन्यथा उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
अंततः ठेकेदार ने झुकाया सिर
Korba Check Bounce Case: जेल जाने के डर से और कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए आरोपी गौरी साहू ने 2.50 लाख रुपये की पूरी राशि परिवादी (योगेश साहू) को सौंप दी है। इस फैसले के बाद स्वर्गीय विजय साहू के परिजनों ने न्यायपालिका का आभार जताया है।



















