छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3 डिस्टलरी पर लगा आरोप, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार

20 दिसंबर को होगी सुनवाई, 2500 करोड़ का मामला चर्चा में
रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की याचिका पर कोर्ट ने वेलकम डिस्टलरी, भाटिया डिस्टलरी, और केडिया डिस्टलरी को आरोपी बनाए जाने का आवेदन स्वीकार कर लिया है। अब इस याचिका पर 20 दिसंबर 2024 को विशेष कोर्ट में सुनवाई होगी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3 डिस्टलरी पर लगा आरोप, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार
2500 करोड़ रुपये का है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ का यह शराब घोटाला लगभग 2500 करोड़ रुपये का है। ईडी ने आरोप लगाया है कि इस घोटाले में नकली होलोग्राम और फर्जी ट्रांजिट पास के जरिए अवैध शराब की बिक्री की गई। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3 डिस्टलरी पर लगा आरोप, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार
इन पर लगे आरोप:
- अनवर ढेबर – मुख्य आरोपी।
- अनिल टुटेजा – रिटायर्ड IAS अधिकारी।
- अरूणपति त्रिपाठी – छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व एमडी।
- निरंजन दास – तत्कालीन आबकारी आयुक्त।
- विधु गुप्ता – प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के डायरेक्टर।
- सुनील दत्त – प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी के अकाउंटेंट।
- दिलीप पांडे – प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फ़िल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टेट हेड। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3 डिस्टलरी पर लगा आरोप, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार
कैसे हुआ घोटाला?
प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी पर आरोप है कि उसने 2019 से 2022 के बीच नकली होलोग्राम बनाकर डिस्टलरियों को दिए। इन नकली होलोग्राम को अवैध शराब की बोतलों पर चिपकाया गया। इसके बाद फर्जी ट्रांजिट पास के माध्यम से इन बोतलों को CSMCL की दुकानों तक पहुंचाया गया। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3 डिस्टलरी पर लगा आरोप, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार
क्या है अगला कदम?
20 दिसंबर को ईडी की याचिका पर सुनवाई होगी। कोर्ट के फैसले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 3 डिस्टलरी पर लगा आरोप, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार



















