छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: मानसिक तनाव दूर करने के लिए मिलेगी 12 दिन की स्पेशल छुट्टी

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के हित में एक अभूतपूर्व निर्णय लिया है। सरकारी कामकाज के बढ़ते दबाव और मानसिक तनाव को कम करने के उद्देश्य से अब राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को विपश्यना ध्यान (Vipassana Meditation) के लिए विशेष अवकाश प्रदान करेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि उनके नैतिक मूल्यों और मानसिक स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार आएगा।
मानसिक शांति और कार्यकुशलता पर साय सरकार का जोर
छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले:राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस विशेष पहल का मुख्य लक्ष्य सरकारी विभागों में कार्यरत लोगों के तनाव को प्रबंधित करना है। विपश्यना ध्यान शिविरों में भाग लेने के लिए कर्मचारियों को 12 दिनों का विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave) दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

सेवाकाल में कुल 6 बार मिलेगा लाभ: जानें मुख्य नियम
सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइंस के अनुसार, इस छुट्टी का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं:
-
पात्रता: अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों सहित राज्य सेवा के सभी श्रेणी के अधिकारी और कर्मचारी इस अवकाश के पात्र होंगे।
ये खबर भी पढ़ें…
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग के 5,576 करोड़ के टेंडर पर सवाल, विभाग ने बताया नियमानुसारOctober 23, 2026छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग की 5,576 करोड़ की तीन परियोजनाओं के टेंडर में नियमों की अनदेखी के आरोप लगे... -
अवधि: पूरे सेवाकाल (Service Period) के दौरान एक कर्मचारी अधिकतम 6 बार इस विशेष अवकाश का लाभ उठा सकता है।
-
समय सीमा: प्रत्येक शिविर के लिए यात्रा समय को मिलाकर अधिकतम 12 दिनों की छुट्टी स्वीकृत की जाएगी।
ये खबर भी पढ़ें…
रायपुर में नाइट्राजेपम की 2,100 गोलियों के साथ युवक गिरफ्तार, कीमत 8.40 लाखOctober 23, 2026रायपुर पुलिस ने महादेवघाट के पास से नाइट्राजेपम की 2,100 गोलियों के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया। जब्त टैबलेट...
अनिवार्य शर्तें: एडमिशन लेटर और सर्टिफिकेट जरूरी
छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले:इस विशेष छुट्टी का दुरुपयोग रोकने के लिए विभाग ने सख्त नियम बनाए हैं। आवेदन करते समय संबंधित विपश्यना केंद्र से प्राप्त प्रवेश पत्र (Admission Letter) संलग्न करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, शिविर समाप्त होने के बाद कर्मचारी को पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) अपने कार्यालय में जमा करना होगा। यदि कोई कर्मचारी प्रमाण पत्र जमा नहीं करता है, तो उसकी इस छुट्टी को उसकी अन्य अर्जित छुट्टियों (Earned Leaves) में काट लिया जाएगा।
‘ऑन ड्यूटी’ माने जाएंगे कर्मचारी, मिलेगा पूरा वेतन
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस 12 दिवसीय प्रवास के दौरान कर्मचारी को ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा। उन्हें इस अवधि का पूरा वेतन और भत्ते दिए जाएंगे। हालांकि, विभाग के सक्षम अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कर्मचारी की अनुपस्थिति से सरकारी काम प्रभावित न हो। यह भी स्पष्ट किया गया है कि शिविर में जाने-आने के लिए शासन की ओर से कोई यात्रा भत्ता (TA/DA) या अन्य खर्च नहीं दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार के अन्य बड़े फैसले: स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता
विपश्यना अवकाश के साथ-साथ साय सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं:
-
कैशलेस इलाज की सुविधा: छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की है। बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे अब कर्मचारियों को इलाज के लिए आर्थिक चिंता नहीं करनी होगी।
-
भूमिहीन परिवारों को आर्थिक मदद: ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना’ के तहत मुख्यमंत्री साय ने ऐलान किया है कि करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों के खातों में सालाना 10,000 रुपये की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
-
बस्तर के लिए बड़ी योजना: बस्तर क्षेत्र में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
-
गौधाम योजना: मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गौवंश के संरक्षण के लिए ‘सुरभि गौधाम योजना’ का शुभारंभ किया है, जिसके तहत गौशालाओं को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
Read More:
- Ambikapur Mayor Audio Viral: वसूली के कथित ऑडियो पर बवाल, जांच की मांग को लेकर SP दफ्तर पहुंचे कांग्रेसी
- छत्तीसगढ़ की सोनेसिली पंचायत ने पेश की बड़ी मिसाल: सरकारी ज़मीन के 126 एकड़ हिस्से को कब्ज़े से मुक्त कराया!
- नीमच की चाय बेचने वाली रेखा नायक ने ईमानदारी की मिसाल पेश की; लाखों रुपये के सोने-चांदी से भरा बैग लौटाया।









