LIVE UPDATE
दुर्ग

दुर्ग: पद्म सम्मानित तीजन बाई का इलाज नहीं हो पा रहा, बहू ने मांगी आर्थिक मदद, जानें पूरी कहानी

अंतरराष्ट्रीय पंडवानी गायिका तीजन बाई की बिगड़ती सेहत पर परिवार चिंतित

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और अंतरराष्ट्रीय पंडवानी गायिका तीजन बाई, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं, इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। आर्थिक तंगी के कारण उनके इलाज में कठिनाई हो रही है। दुर्ग: पद्म सम्मानित तीजन बाई का इलाज नहीं हो पा रहा, बहू ने मांगी आर्थिक मदद, जानें पूरी कहानी

कलेक्टर से मदद की गुहार

तीजन बाई की बहू ने दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी से मिलकर परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी दी। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया है। दुर्ग: पद्म सम्मानित तीजन बाई का इलाज नहीं हो पा रहा, बहू ने मांगी आर्थिक मदद, जानें पूरी कहानी

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

पेंशन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

परिजनों का कहना है कि तीजन बाई को मिलने वाली ₹5000 की पद्मश्री पेंशन पिछले आठ महीने से रुकी हुई है। यह स्थिति उनके इलाज में बाधा उत्पन्न कर रही है। परिवार ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर भी पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ा हुआ है, और स्वास्थ्य में गिरावट जारी है। दुर्ग: पद्म सम्मानित तीजन बाई का इलाज नहीं हो पा रहा, बहू ने मांगी आर्थिक मदद, जानें पूरी कहानी

सरकारी सहायता की मांग

परिवार ने यह भी मांग की है कि किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, जिससे उनकी जीविका का प्रबंध हो सके। उन्होंने संस्कृति विभाग से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। दुर्ग: पद्म सम्मानित तीजन बाई का इलाज नहीं हो पा रहा, बहू ने मांगी आर्थिक मदद, जानें पूरी कहानी

कलेक्टर का बयान

कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि तीजन बाई छत्तीसगढ़ का गौरव हैं। उनके इलाज और वित्तीय सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि परिवार की मांगों का शीघ्र समाधान निकाला जाए। दुर्ग: पद्म सम्मानित तीजन बाई का इलाज नहीं हो पा रहा, बहू ने मांगी आर्थिक मदद, जानें पूरी कहानी

पंडवानी: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान

पंडवानी छत्तीसगढ़ की प्राचीन लोक गाथा कला है, जो महाभारत के पांडवों की कहानियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

  • यह कला न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्य प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भी प्रसिद्ध है।
  • पंडवानी की प्रस्तुतियों में तंबूरे का खास महत्व है, जो कभी भीम की गदा तो कभी अर्जुन का धनुष बन जाता है।
  • तीजन बाई ने पंडवानी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ख्याति दिलाई है। दुर्ग: पद्म सम्मानित तीजन बाई का इलाज नहीं हो पा रहा, बहू ने मांगी आर्थिक मदद, जानें पूरी कहानी

Nidar Chhattisgarh Desk

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है। हमारी यह साइट 24 घंटे अपडेट होती है, जिससे हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके। पाठक भी अपनी रचनाये या आस-पास घटित घटनाये अथवा अन्य प्रकाशन योग्य सामग्री ईमेल पर भेज सकते है, जिन्हें तत्काल प्रकाशित किया जायेगा !

Related Articles

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE