
अलीगढ़ (यूपी) – अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में एक प्रोफेसर को झूठी शिकायतें करने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। यह प्रोफेसर, जो रसायन विभाग में तैनात थे, पर आरोप है कि उन्होंने हिंदू छात्रा के नाम पर साथी शिक्षक डॉ. इशात खान के खिलाफ 22 बार झूठी शिकायतें की थीं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले की आंतरिक जांच के बाद यह कड़ी कार्रवाई की है। एएमयू में प्रोफेसर सस्पेंड: झूठी शिकायतें करने के आरोप में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई
आंतरिक जांच और सस्पेंशन की प्रक्रिया
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने प्रोफेसर रियाजुद्दीन को सात दिन का समय दिया था, ताकि वे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब दे सकें। लेकिन जब प्रोफेसर ने जवाब नहीं दिया, तो उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। इस दौरान, उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही, जांच पूरी होने तक उन्हें जिला न छोड़ने की हिदायत भी दी गई है। एएमयू में प्रोफेसर सस्पेंड: झूठी शिकायतें करने के आरोप में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई
झूठी शिकायतों की पूरी कहानी
16 नवंबर को, एएमयू के रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. इशात मोहम्मद खान ने शिकायत की कि 20 सितंबर को प्रोफेसर रियाजुद्दीन ने हिंदू छात्रा के नाम पर 20 शिकायतें डाक पोस्ट के जरिए की थीं। इन शिकायतों में एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ परीक्षा, पेपर और धार्मिक आरोप लगाए गए थे। प्रोफेसर खान ने इस मामले की सूचना यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस को दी, साथ ही डाकघर की फुटेज भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की। एएमयू में प्रोफेसर सस्पेंड: झूठी शिकायतें करने के आरोप में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई



















