गुटखा चबाते हुए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सस्पेंड, शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई

गुटखा चबाते हुए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सस्पेंड, शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई
राजनांदगांव। गुटखा चबाते हुए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सुदामालाल साहू को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह मामला बीजेभाठा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का है। शिक्षक के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और शाला प्रबंधन समिति ने शिकायत दर्ज कराई थी।v
यह घटना शिक्षकों के अनुशासन और आचरण पर सवाल खड़े करती है। एक शिक्षक का कर्तव्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होता बल्कि वह बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी होता है। ऐसे में इस तरह के मामलों से शिक्षा विभाग की छवि खराब होती है।गुटखा चबाते हुए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सस्पेंड
शिक्षक के खिलाफ गंभीर आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षक सुदामालाल साहू अध्यापन के दौरान गुटखा चबाते थे और कई बार शाला परिसर में मद्यपान भी करते पाए गए।गुटखा चबाते हुए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सस्पेंड
- यह मामला शिक्षा विभाग के लिए शर्मनाक साबित हुआ।
- बच्चों के सामने ऐसा आचरण छात्रों पर गलत प्रभाव डालता है।
- शिक्षक को नशा मुक्त भारत अभियान और छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसके विपरीत आचरण किया।
तीन सदस्यीय जांच दल ने की पुष्टि
शिकायत के बाद, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगांव ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय दल गठित किया।गुटखा चबाते हुए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सस्पेंड
- जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों ने पुष्टि की कि सुदामालाल साहू अध्यापन के दौरान गुटखा चबाते थे।
- उनके खिलाफ शाला परिसर में मद्यपान करने का आरोप भी सही पाया गया।
पद की गरिमा का उल्लंघन
शिक्षक सुदामालाल साहू का आचरण उनके पद की गरिमा के विपरीत पाया गया।
- एक शिक्षक का दायित्व बच्चों को सही दिशा में प्रेरित करना होता है।
- लेकिन उनका व्यवहार बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला था।
ग्रामीणों और शाला समिति ने की शिकायत
ग्राम बीजेभाठा के उपसरपंच और शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने शिक्षक के खिलाफ विकासखंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी।गुटखा चबाते हुए बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सस्पेंड
- इस शिकायत के बाद जांच कराई गई और आरोपों को सही पाया गया।
सस्पेंशन के बाद क्या कहा शिक्षा विभाग ने?
शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी शिक्षक का ऐसा आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- बच्चों के सामने नशे का सेवन गंभीर अनुशासनहीनता है।
- शिक्षक सुदामालाल साहू को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है।



















