आगरा में पैराशूट फेल होने से वायुसेना अधिकारी की दर्दनाक मौत

आगरा में पैराशूट फेल होने से वायुसेना अधिकारी की दर्दनाक मौत
? “डेमो ड्रॉप” अभ्यास के दौरान हुआ हादसा, एयरफोर्स ने जताया गहरा शोक
आगरा: भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम के अनुभवी पैरा जंप इंस्ट्रक्टर (प्रशिक्षक) वारंट ऑफिसर रामकुमार तिवारी (41 वर्ष) की “डेमो ड्रॉप” अभ्यास के दौरान पैराशूट में तकनीकी खराबी के चलते दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे हुआ जब वे हेलीकॉप्टर से छलांग लगाने के बाद समय पर पैराशूट नहीं खुलने के कारण सीधे ज़मीन से टकरा गए।आगरा में पैराशूट फेल होने से वायुसेना अधिकारी की दर्दनाक मौत
? सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
सूत्रों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल तिवारी को तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी दोपहर करीब 12 बजे मौत हो गई। सदर थाना पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।आगरा में पैराशूट फेल होने से वायुसेना अधिकारी की दर्दनाक मौत
?? वायुसेना ने दी श्रद्धांजलि, कहा – “हम उनके परिवार के साथ हैं”
भारतीय वायुसेना ने X (पूर्व ट्विटर) पर एक संवेदनात्मक पोस्ट जारी करते हुए लिखा:
“भारतीय वायुसेना की आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम के एक पैरा जंप प्रशिक्षक की आज आगरा में डेमो ड्रॉप के दौरान लगी चोटों के कारण मृत्यु हो गई। वायुसेना इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करती है और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।”आगरा में पैराशूट फेल होने से वायुसेना अधिकारी की दर्दनाक मौत
? अखिलेश यादव ने जताया दुख, सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस दुखद घटना पर शोक प्रकट किया। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“पहले गुजरात के जामनगर में फाइटर जेट के क्रैश में एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट की मृत्यु और अब आगरा में पैराशूट फेल होने से वायुसेना के अफसर की मौत – ये खबरें बेहद दर्दनाक हैं।”
उन्होंने आगे कहा:
“सुरक्षा में ज़रा भी समझौता जानलेवा हो सकता है। सरकार को हर स्तर पर गुणवत्ता और तकनीकी जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न दोहराए जाएं।”
✈️ सवाल उठ रहे हैं:
- क्या पैराशूट की समय पर जांच की गई थी?
- तकनीकी खराबी का असली कारण क्या था?
- क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ?
इन सवालों की गहन जांच आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।



















