स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, पहली ही बारिश में अस्पताल बना ‘तालाब’!
छत्तीसगढ़ में मानसून की पहली ही झमाझम बारिश ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत की पोल खोलकर रख दी है। सबसे शर्मनाक तस्वीर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अपने गृह जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) से सामने आई है, जहां जिला अस्पताल पहली ही बारिश में लबालब हो गया। अस्पताल के अंदर का नजारा किसी तालाब जैसा था, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
छत से झरना, सीढ़ियों से नदी… कमरों में भरा पानी

मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद चिरमिरी स्थित जिला अस्पताल की बिल्डिंग जवाब दे गई। छत का पानी सीपेज के रास्ते सीढ़ियों से होता हुआ सीधे अस्पताल के कमरों और बरामदे में भरने लगा। देखते ही देखते अस्पताल के अंदर पानी जमा हो गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल

वायरल हो रहे वीडियो में अस्पताल के कर्मचारी खुद बाल्टियों और वाइपर से कमरों और बरामदे से पानी निकालते हुए दिख रहे हैं। इस दौरान वे व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर अपना गुस्सा भी जाहिर करते नजर आए। स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का यह हाल, प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
क्या ‘इसीलिए’ मीडिया पर लग रहा था बैन?
अस्पताल की यह दुर्दशा उस समय सामने आई है, जब कुछ ही दिन पहले सरकार ने एक विवादित आदेश जारी किया था। 13 जून को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश पर बिना अनुमति के रोक लगा दी थी।स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
इस आदेश का चौतरफा विरोध हुआ और मीडियाकर्मियों ने आरोप लगाया कि सरकार अस्पतालों की ऐसी ही अव्यवस्थाओं और खामियों को छिपाने के लिए मीडिया पर नकेल कसना चाहती है। बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री ने खुद हस्तक्षेप कर इस विवादित आदेश को रद्द करवा दिया था। अब चिरमिरी अस्पताल की इस तस्वीर ने विपक्ष और मीडिया के उन आरोपों को और बल दे दिया है।स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल
यह घटना सिर्फ एक इमारत में पानी भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के रखरखाव में बरती जा रही गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। सवाल यह है कि जब स्वास्थ्य मंत्री के अपने जिले में यह हाल है, तो प्रदेश के बाकी दूर-दराज के अस्पतालों की स्थिति क्या होगी? अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या फिर अगली बारिश का इंतजार करता है।स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल