धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला! बच्चों की पढ़ाई ठप

धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला! बच्चों की पढ़ाई ठप
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। नगरी ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी से नाराज अभिभावकों और शाला प्रबंधन समिति ने एकजुट होकर स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। यह घटना नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही जिले की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है।धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला
क्या है पूरा मामला?
मामला नगरी ब्लॉक के शासकीय प्रायोगिक अंग्रेजी माध्यम स्कूल का है। इस स्कूल में पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है, जहाँ लगभग 125 बच्चे नामांकित हैं। कुछ समय पहले तक यहाँ चार शिक्षक पदस्थ थे, लेकिन हाल ही में व्यवस्था के तहत काम कर रहे दो शिक्षकों को उनके मूल स्कूल वापस भेज दिया गया। इसके बाद 125 बच्चों को पढ़ाने के लिए अब केवल दो शिक्षक बचे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला
क्यों भड़के अभिभावक?
अभिभावकों का गुस्सा जायज है। उनका कहना है कि केवल दो शिक्षकों के भरोसे 125 बच्चों का भविष्य कैसे संवारा जा सकता है? विशेषकर जब यह एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल है, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षकों का होना बेहद जरूरी है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूर होकर उन्हें स्कूल में तालाबंदी जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। प्रदर्शनकारी पालक तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पर अड़े हुए हैं।धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला
प्रशासन का क्या कहना है?
मामले की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आए। नगरी के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कलीराम साहू ने बताया कि उन्हें तालाबंदी की जानकारी मिली है। उन्होंने मौके पर बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) को भेजकर पालकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला
बीईओ ने स्वीकारा कि स्कूल में पहले चार शिक्षक थे, जिनमें से दो को शासन के आदेशानुसार उनकी मूल संस्था में वापस भेज दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि खाली हुए पदों पर “सेवा प्रदाता” के माध्यम से दो नए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला
जिले में बार-बार क्यों हो रही है तालाबंदी?
यह घटना धमतरी जिले में अकेली नहीं है। नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होते ही यह तालाबंदी का तीसरा बड़ा मामला है। इससे पहले बोकराबेड़ा के माध्यमिक स्कूल और लोहरसी के हाईस्कूल में भी पालक शिक्षकों की कमी या अन्य मांगों को लेकर तालाबंदी कर चुके हैं। ये घटनाएँ इस बात का संकेत हैं कि जिले में शिक्षकों की कमी और पदस्थापना की नीति को लेकर एक बड़ा संकट है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।धमतरी के नगरी में बवाल: स्कूल में शिक्षक नहीं, नाराज पालकों ने जड़ दिया ताला



















