जनगणना 2026: छत्तीसगढ़ में बड़ी तैयारी, वरिष्ठ IAS मनोज पिंगुआ को मिली कमान, जानें कब और कैसे होगी गिनती

जनगणना 2026: छत्तीसगढ़ में बड़ी तैयारी, वरिष्ठ IAS मनोज पिंगुआ को मिली कमान, जानें कब और कैसे होगी गिनती
मुख्य बिंदु:
देश की सबसे बड़ी गिनती ‘जनगणना’ के लिए छत्तीसगढ़ में नोडल अधिकारी की नियुक्ति।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!वरिष्ठ IAS और अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ को सौंपी गई समन्वय की जिम्मेदारी।
यह जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।
16 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही है यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कवायद।
रायपुर:छत्तीसगढ़ में बड़ी तैयारी, वरिष्ठ IAS मनोज पिंगुआ को मिली कमान, देश में 16 साल के लंबे अंतराल के बाद होने वाली जनगणना 2026 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के सुचारू संचालन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अपनी कमर कस ली है। राज्य में जनगणना की गतिविधियों के समन्वय और निगरानी के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी और अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
क्या होगी मनोज पिंगुआ की भूमिका?
बतौर नोडल अधिकारी, मनोज पिंगुआ छत्तीसगढ़ में जनगणना से जुड़ी सभी गतिविधियों का समन्वय देखेंगे। उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी कि केंद्र सरकार के जनगणना विभाग और राज्य के प्रशासनिक तंत्र के बीच सही तालमेल बना रहे, ताकि जनगणना का काम बिना किसी बाधा के समय पर पूरा हो सके।छत्तीसगढ़ में बड़ी तैयारी, वरिष्ठ IAS मनोज पिंगुआ को मिली कमान
दो चरणों में होगी जनगणना, यह है पूरा प्लान
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यह जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। इस बार इसमें जातिगत जनगणना को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिससे यह और भी महत्वपूर्ण हो गई है।छत्तीसगढ़ में बड़ी तैयारी, वरिष्ठ IAS मनोज पिंगुआ को मिली कमान
पहला चरण (मकान सूचीकरण):
कब से: 1 अप्रैल, 2026 से।
क्या होगा: इस चरण में जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की सूची बनाएंगे। साथ ही, घर की स्थिति, उपलब्ध संसाधन (जैसे पानी, बिजली, शौचालय आदि) और अन्य बुनियादी जानकारियों को दर्ज किया जाएगा।
दूसरा चरण (व्यक्तिगत गणना):
कब से: बर्फीले क्षेत्रों में 1 अक्टूबर, 2026 से और देश के बाकी हिस्सों में 1 मार्च, 2027 से।
क्या होगा: यह जनगणना का मुख्य चरण होगा, जिसमें हर व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और जनसांख्यिकीय जानकारी इकट्ठा की जाएगी। इसमें व्यक्ति की जाति, धर्म, शिक्षा, व्यवसाय जैसी विस्तृत जानकारी शामिल होगी।
16 साल बाद हो रही है देश की सबसे बड़ी गिनती

यह जनगणना एक लंबे समय के बाद हो रही है। पिछली बार देश में जनगणना साल 2011 में हुई थी। 2021 में होने वाली जनगणना कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। अब 16 साल बाद हो रही यह गिनती न केवल देश की आबादी का सटीक आंकड़ा देगी, बल्कि जातिगत आंकड़ों के साथ सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य की एक स्पष्ट तस्वीर भी पेश करेगी, जो भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।छत्तीसगढ़ में बड़ी तैयारी, वरिष्ठ IAS मनोज पिंगुआ को मिली कमान



















