असली ‘हीरो’! पत्नी पर झपटा भालू तो ढाल बन गया पति, खुद लहूलुहान हुआ पर आंच तक नहीं आने दी

असली ‘हीरो’! पत्नी पर झपटा भालू तो ढाल बन गया पति, खुद लहूलुहान हुआ पर आंच तक नहीं आने दी
कोरबा असली ‘हीरो’! पत्नी पर झपटा भालू तो ढाल बन गया पति, “जब तक तुम हो, मुझे कुछ नहीं हो सकता।” यह सिर्फ फिल्मी डायलॉग नहीं, बल्कि एक हकीकत है जिसे कोरबा जिले के एक पहाड़ी कोरवा युवक ने सच कर दिखाया है। जंगल में अपनी पत्नी के साथ गए रति राम का जब एक खूंखार भालू से सामना हुआ, तो वह अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी के लिए ढाल बन गया। भालू से भिड़कर उसने पत्नी को तो बचा लिया, लेकिन खुद बुरी तरह लहूलुहान हो गया।
क्या हुआ था जंगल में?
यह घटना जिला मुख्यालय से सटे पहाड़ी कोरवा बसाहट गांव पेंड्रीडीह की है। यहां रहने वाले रति राम अपनी पत्नी मान कुंवर के साथ सोमवार को किसी काम से जंगल गए हुए थे। वे दोनों जंगल में आगे बढ़ ही रहे थे कि उनका सामना मौत से हो गया।असली ‘हीरो’! पत्नी पर झपटा भालू तो ढाल बन गया पति
अचानक सामने आया ‘मौत का पंजा’
जंगल के सन्नाटे को चीरती हुई एक मादा भालू अचानक उनके सामने आ गई और उसने सीधे उन पर हमला कर दिया। भालू के हमले से पत्नी मान कुंवर घबराकर दूर जा गिरीं, लेकिन रति राम सीधे भालू के चंगुल में फंस गए।असली ‘हीरो’! पत्नी पर झपटा भालू तो ढाल बन गया पति
“तुम हटो, मैं लड़ता हूं!”: रति राम की बहादुरी
अपनी पत्नी को सुरक्षित देख रति राम ने भागने के बजाय भालू से भिड़ने का फैसला किया।
निहत्थे किया मुकाबला: बिना किसी हथियार के रति राम भालू से भिड़ गए और उसे अपनी पत्नी की तरफ बढ़ने से रोकते रहे।
गहरे जख्म, फिर भी नहीं हारी हिम्मत: भालू ने अपने पैने नाखूनों से रति राम के बाएं कंधे को बुरी तरह नोंच डाला। वह खून से लथपथ हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष करते रहे।
पत्नी को खरोंच तक नहीं: उनकी इस बहादुरी का ही नतीजा था कि उनकी पत्नी मान कुंवर को एक खरोंच तक नहीं आई।
वन विभाग ने पहुंचाया अस्पताल, बची जान
शोर सुनकर और किसी तरह सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी और वनरक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंभीर रूप से घायल रति राम को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लेमरू पहुंचाया।असली ‘हीरो’! पत्नी पर झपटा भालू तो ढाल बन गया पति
तत्काल मिला इलाज: लेमरू स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू कर उनकी जान बचाई।
जिला अस्पताल रेफर: बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल, कोरबा रेफर कर दिया गया है।
आर्थिक सहायता: वन विभाग ने तत्काल सहायता के रूप में परिवार को 500 रुपये की राशि प्रदान की है।
रति राम की यह कहानी प्यार, त्याग और अदम्य साहस की मिसाल बन गई है, जिसने यह साबित कर दिया कि जब अपने किसी की जान पर बन आए, तो एक आम इंसान भी ‘सुपरहीरो’ बन सकता है।असली ‘हीरो’! पत्नी पर झपटा भालू तो ढाल बन गया पति



















