सरगुजा में बारिश का कहर: साल भर में दूसरी बार बहा पुल, दो गांवों का संपर्क टूटा, सैकड़ों लोग फंसे
सरगुजा/ साल भर में दूसरी बार बहा पुल, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मानसून की भारी बारिश ने एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बतौली से करदना को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की एक महत्वपूर्ण पुलिया बीती रात मूसलाधार बारिश के प्रचंड वेग को नहीं झेल सकी और बह गई। चिंता की बात यह है कि यह पुलिया साल भर के भीतर दूसरी बार बही है, जिससे प्रशासन के काम पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।
घटिया निर्माण की भेंट चढ़ा पुल, टूटा संपर्क
यह पुलिया बतौली-करदना सड़क पर कोरकोट ढाब (नाले) पर बनी थी और यह बतौली ब्लॉक के करदना और मैनपाट ब्लॉक के कदनई गांव को सीधे तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता थी। पिछले साल भी मानसून में यह पुलिया बह गई थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के अधिकारियों ने इसकी मरम्मत कराई थी।साल भर में दूसरी बार बहा पुल,
लेकिन, साल भर भी नहीं टिका और पुलिया का दोबारा बह जाना इसके निर्माण में इस्तेमाल हुई सामग्री और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया निर्माण के कारण ही उन्हें हर साल इस मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।साल भर में दूसरी बार बहा पुल,
थम गई जिंदगी: स्कूल, अस्पताल और रोजगार का रास्ता बंद
इस पुलिया के टूटने से दोनों गांवों का जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है।
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शिक्षा प्रभावित: करदना हाई स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं और शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। कॉलेज जाने वाले युवाओं का भी रास्ता बंद हो गया है।
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रोजगार का संकट: दिहाड़ी मजदूरी के लिए हर दिन बतौली मुख्यालय जाने वाले सैकड़ों मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट आ खड़ा हुआ है।
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आपातकालीन सेवाएं बाधित: किसी भी आपात स्थिति में अस्पताल, थाना या तहसील कार्यालय तक पहुंचना अब असंभव हो गया है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण हर दिन इस रास्ते का उपयोग करते थे, लेकिन अब वे अपने ही गांवों में कैद होकर रह गए हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल मार्ग को सुगम बनाने और इस समस्या का एक स्थायी समाधान निकालने की अपील की है, ताकि उन्हें हर साल इस परेशानी से न जूझना पड़े।साल भर में दूसरी बार बहा पुल,