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कोरबा में महिलाओं का अर्धनग्न प्रदर्शन, जमीन के बदले नौकरी की मांग को लेकर सरकार और SECL पर फूटा गुस्सा

कोरबा में महिलाओं का अर्धनग्न प्रदर्शन, जमीन के बदले नौकरी की मांग को लेकर सरकार और SECL पर फूटा गुस्सा

मुख्य बातें:

  • कोरबा के कुसमुंडा में विस्थापित महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

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  • महिलाएं एसईसीएल (SECL) से जमीन के बदले स्थायी नौकरी और मुआवजे की मांग कर रही हैं।

  • कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने इस घटना को ‘शर्मनाक’ बताते हुए प्रदेश की बीजेपी सरकार की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कोरबा : कोरबा में महिलाओं का अर्धनग्न प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कोरबा से एक बेहद झकझोर देने वाली और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां कुसमुंडा क्षेत्र में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर महिलाओं को अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह मार्मिक प्रदर्शन उन विस्थापित परिवारों की पीड़ा और हताशा को बयां करता है, जिनकी जमीन कोयला खदानों के लिए ले ली गई, लेकिन उन्हें आज तक न तो सम्मानजनक मुआवजा मिला और न ही स्थायी रोजगार।

क्यों सड़कों पर उतरने को मजबूर हुईं महिलाएं?

यह विरोध प्रदर्शन जमीन के बदले नौकरी और उचित विस्थापन की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर था। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन लगातार उनके साथ टालमटोल कर रहा है। सालों के इंतजार और अनगिनत ज्ञापनों के बाद भी जब उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अपने गुस्से और बेबसी को जाहिर करने के लिए यह कठोर कदम उठाया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की आंखों में आंसू और आक्रोश साफ देखा जा सकता था, जिसने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कोरबा में महिलाओं का अर्धनग्न प्रदर्शन

कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल ने सरकार को घेरा

इस संवेदनशील मुद्दे पर डोंगरगढ़ से कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना के वीडियो को ‘अत्यंत दुखद और शर्मनाक’ करार दिया। हर्षिता बघेल ने सवाल किया, “आखिर छत्तीसगढ़ में ऐसी कौन सी परिस्थितियां बन गईं कि हमारी माताओं और बहनों को इस तरह के विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है? यह घटना राज्य सरकार की घोर संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता सबूत है।”कोरबा में महिलाओं का अर्धनग्न प्रदर्शन

उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल एसईसीएल प्रबंधन के साथ बैठक कर विस्थापित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाले, ताकि भविष्य में किसी को भी ऐसा कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े। उन्होंने कहा कि जब तक विस्थापितों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक इस तरह के प्रदर्शन होते रहेंगे। यह घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है और सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि वह विस्थापितों के दर्द को और अधिक नजरअंदाज नहीं कर सकती।कोरबा में महिलाओं का अर्धनग्न प्रदर्शन

Nidar Chhattisgarh Desk

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