छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर लगेगी लगाम? सरकार का नया प्लान- नदियों में 2 मीटर खुदाई और JCB को मंजूरी!

छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर लगेगी लगाम? सरकार का नया प्लान- नदियों में 2 मीटर खुदाई और JCB को मंजूरी!
रायपुर: छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर लगेगी लगाम? छत्तीसगढ़ में रेत के अवैध खनन और चोरी पर लगाम कसने के लिए विष्णुदेव साय सरकार एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाने जा रही है। सरकार ने अपनी नई रेत खनन नीति के तहत नदियों में रेत खुदाई की गहराई को 1 मीटर से बढ़ाकर 2 मीटर करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस बड़े बदलाव के लिए आईआईटी रुड़की की एक विशेषज्ञ रिपोर्ट को आधार बनाया गया है, जिसमें कहा गया है कि इससे पर्यावरण पर कोई खतरा नहीं होगा।
क्यों पड़ी 2 मीटर खुदाई की जरूरत? सरकार का तर्क- रुकेगी चोरी

अब तक नियम यह था कि नदियों से सिर्फ एक मीटर तक ही रेत निकाली जा सकती है। लेकिन खनिज विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि यह फैसला रेत की चोरी रोकने में कारगर होगा। उनका दावा है कि पहले जब एक मीटर की अनुमति थी, तब भी ठेकेदार अवैध रूप से दो-दो मीटर तक खोदकर रेत की चोरी कर लेते थे, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता था। अब इसे कानूनी रूप देने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और चोरी पर लगाम लगेगी।छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर लगेगी लगाम?
IIT रुड़की की ‘ग्रीन रिपोर्ट’ बनी बड़ा आधार
इस बड़े फैसले को लेने से पहले राज्य सरकार ने पूरी वैज्ञानिक तैयारी की है।छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर लगेगी लगाम?
5 करोड़ का अध्ययन: सरकार ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की को 5 करोड़ रुपये का भुगतान कर प्रदेश की सभी नदियों का एक विस्तृत अध्ययन करवाया है।
रिपोर्ट में क्लीन चिट: आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला है कि नदियों में 2 मीटर की गहराई तक खनन करने से नदियों के प्रवाह या पर्यावरण पर कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। खनिज विभाग के लिए यह रिपोर्ट इस नीति को लागू करने का सबसे बड़ा आधार बन गई है।
अब मैनुअल नहीं, JCB से होगी खुदाई

नई नीति के तहत एक और बड़ा बदलाव जेसीबी जैसी मशीनों के इस्तेमाल को मंजूरी देना है। पहले के नियमों के अनुसार, रेत की खुदाई सिर्फ मजदूरों द्वारा (मैन्युअल) ही की जा सकती थी। लेकिन अधिकारियों का मानना है कि आज के समय में यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, इसलिए मशीनों का उपयोग जरूरी है।छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर लगेगी लगाम?
क्या है नई रेत नीति के खास प्रावधान?
ऑनलाइन नीलामी: सभी रेत खदानों की नीलामी अब पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से एमएसटीसी (MSTC) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होगी।
छत्तीसगढ़ का निवासी होना अनिवार्य: खदान की नीलामी में केवल वही व्यक्ति या फर्म हिस्सा ले सकेगी, जो छत्तीसगढ़ की निवासी हो।
100 करोड़ से ज्यादा राजस्व का लक्ष्य: इस नई नीति से सरकार को 100 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।
15 अक्टूबर से शुरू होगा नया दौर
फिलहाल प्रदेश में मानसून के चलते रेत खनन पर 15 अक्टूबर तक रोक लगी हुई है। यह प्रतिबंध हटने के बाद नई नीति के तहत खदानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी और प्रदेश में रेत खनन का एक नया दौर प्रारंभ होगा। सरकार ने इस नीति के क्रियान्वयन के लिए पर्यावरण विभाग से भी अंतिम मंजूरी मांगी है।छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर लगेगी लगाम?



















