
दुर्ग । दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: 9 महीने के मासूम के अपहरणकांड का खुलासा, रिश्तेदार समेत 5 आरोपी बिहार से गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने एक 9 महीने के मासूम बच्चे के अपहरण की सनसनीखेज गुत्थी को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक रिश्तेदार सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बच्चे को 7 लाख रुपये में बिहार में बेच दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि बच्चे को भी सकुशल बरामद कर उसकी माँ की गोद में लौटा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जून को शुरू हुई जब पीड़िता की एक रिश्तेदार संगनी बाई और उसके साथी संतोष पाल ने उसे फोन करके अपने घर बुलाया। इसके बाद वे महिला और उसके 9 महीने के बेटे को अपने साथ दुर्ग से कोंडागांव जिले के कोरगांव होते हुए पटना, बिहार ले गए। वहां कुछ दिन रखने के बाद, 8 जुलाई को आरोपियों ने महिला को छत्तीसगढ़ वापस भेजने का झांसा दिया और उसे आरा रेलवे स्टेशन ले गए। दानापुर स्टेशन पर ट्रेन बदलते समय, आरोपियों ने खाना लाने के बहाने बच्चे को माँ की गोद से लिया और मौके से फरार हो गए।दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: 9 महीने के मासूम के अपहरणकांड का खुलासा
पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी
अपने बच्चे को खोने के बाद बदहवास माँ किसी तरह 25 जुलाई को दुर्ग वापस लौटी और महिला थाना, सेक्टर-6 में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला एक मासूम बच्चे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया।दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: 9 महीने के मासूम के अपहरणकांड का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को मुख्य आरोपी संगनी बाई के बारे में सुराग मिला, जिसे कोरगांव से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में संगनी बाई ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की एक टीम ने बिहार में दबिश दी और नालंदा निवासी डॉ. बादल उर्फ मिथलेश, संतोष पाल, जगनपुरा निवासी प्रदीप कुमार और गौरी महतो को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन्हीं आरोपियों के कब्जे से बच्चे को सुरक्षित बरामद किया।दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: 9 महीने के मासूम के अपहरणकांड का खुलासा
7 लाख में हुआ था सौदा, बड़े गिरोह का शक
पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने बच्चे को 7 लाख रुपये में बेच दिया था और उस रकम को आपस में बांट लिया था। चूँकि बच्चा दूसरे राज्य में बेचा गया था, पुलिस को शक है कि इस मामले में एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह शामिल हो सकता है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: 9 महीने के मासूम के अपहरणकांड का खुलासा
फिलहाल, पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि मासूम बच्चा अब पूरी तरह सुरक्षित अपनी माँ की गोद में है।दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: 9 महीने के मासूम के अपहरणकांड का खुलासा



















