छत्तीसगढ़: नवजात के इलाज के लिए मांगे 10%, ACB ने 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक को रंगे हाथों दबोचा
अभनपुर में शिक्षक से मेडिकल लोन पास करने के एवज में मांगी थी घूस, आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

रायपुर, नवजात के इलाज के लिए मांगे 10%, ACB ने 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक को रंगे हाथों दबोचा, भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखते हुए छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने गुरुवार को अभनपुर ब्लॉक में एक शिक्षक से उसके नवजात शिशु के इलाज के लिए स्वीकृत मेडिकल राशि पास करने के एवज में 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक लिपिक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, अभनपुर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चंपाझर में पदस्थ शिक्षक चंद्रहास निषाद को अपने नवजात बच्चे के इलाज के लिए एक लाख रुपये की तत्काल आवश्यकता थी। उन्होंने नियमानुसार मेडिकल राशि निकालने के लिए प्राचार्य कार्यालय में आवेदन जमा किया था।नवजात के इलाज के लिए मांगे 10%, ACB ने 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक को रंगे हाथों दबोचा
10 प्रतिशत कमीशन की थी मांग
आरोप है कि स्कूल के प्राचार्य कार्यालय में पदस्थ लिपिक (बाबू) मनोज कुमार ठाकुर ने इस एक लाख रुपये के बिल को पास करने के एवज में शिक्षक से 10 प्रतिशत, यानी 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। इस अवैध मांग से परेशान होकर शिक्षक चंद्रहास निषाद ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में की।नवजात के इलाज के लिए मांगे 10%, ACB ने 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक को रंगे हाथों दबोचा
एसीबी ने जाल बिछाकर पकड़ा
शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने एक योजना बनाई और लिपिक को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। गुरुवार को जैसे ही मनोज कुमार ठाकुर ने शिक्षक से रिश्वत के 10,000 रुपये लिए, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।नवजात के इलाज के लिए मांगे 10%, ACB ने 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक को रंगे हाथों दबोचा
पूछताछ के बाद आरोपी को विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 4 सितंबर तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एसीबी पूरी तरह से मुस्तैद है।नवजात के इलाज के लिए मांगे 10%, ACB ने 10 हजार की रिश्वत लेते लिपिक को रंगे हाथों दबोचा



















