अबूझमाड़ में नक्सलियों के स्मारक पर चला बुलडोजर, जाटलूर में नया सुरक्षा कैंप स्थापित
नक्सल मुक्त और विकसित बस्तर की दिशा में बड़ा कदम, सुरक्षा बढ़ने से सड़क–स्वास्थ्य–शिक्षा जैसी सुविधाओं के विस्तार को मिलेगी रफ्तार

जाटलूर में सुरक्षा का नया किला, नक्सलियों के प्रभाव को बड़ा धक्का
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित गांव जाटलूर में नारायणपुर पुलिस ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया है। यह पहल नक्सल मुक्त और सशक्त बस्तर की दिशा में चल रहे माड़ बचाओ अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
भयमुक्त वातावरण का संदेश, नक्सली स्मारक ध्वस्त
पुलिस ने जाटलूर में नक्सलियों द्वारा बनाए गए भव्य स्मारक को ध्वस्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब क्षेत्र में भय का नहीं, बल्कि विकास और विश्वास का माहौल स्थापित होगा। यह कार्रवाई नक्सलियों के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देने और ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।अबूझमाड़ में नक्सलियों के स्मारक पर चला बुलडोजर
कई सुरक्षा बलों की संयुक्त भूमिका
जाटलूर कैंप की स्थापना में डीआरजी, बस्तर फाइटर और आईटीबीपी की 27वीं, 38वीं, 40वीं और 44वीं वाहिनी की संयुक्त भूमिका रही। यह कैंपअबूझमाड़ में नक्सलियों के स्मारक पर चला बुलडोजर
ओरछा थाना से 25 किमी,
कुड़मेल से 5 किमी,
आदेर से 10 किमी
की दूरी पर स्थित है।
कैंप खुलने के बाद ग्रामीणों में खुशी और उत्साह देखा गया। कम्यूनिटी पुलिसिंग की पहल के तहत पुलिस ने ग्रामीणों को साड़ी, कपड़े, चप्पल और खेल सामग्री भी वितरित की।अबूझमाड़ में नक्सलियों के स्मारक पर चला बुलडोजर
विकास को मिलेगी सुरक्षा, सुविधाओं का विस्तार होगा तेज
सुरक्षा कैंप स्थापित होने के बाद जाटलूर और उसके आसपास के गांवों में विकास कार्यों को तेज गति मिलने की संभावना है।
अब निम्न सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा—अबूझमाड़ में नक्सलियों के स्मारक पर चला बुलडोजर
सड़क और पुल-पुलिया निर्माण
स्कूल एवं शिक्षा सेवाओं की पहुंच
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था में सुधार
अन्य मूलभूत सेवाओं की उपलब्धता
यह कदम क्षेत्र को भयमुक्त माहौल की ओर ले जाकर बस्तर को विकास के नए दौर में प्रवेश दिलाने वाला साबित होगा।अबूझमाड़ में नक्सलियों के स्मारक पर चला बुलडोजर



















