प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, इंडिया गेट पर पुलिस पर ‘मिर्च स्प्रे’ से हमला; नक्सली कमांडर के समर्थन में लगे नारे
Delhi India Gate Protest: वायु गुणवत्ता को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। रोकने पर पुलिसकर्मियों की आंखों में झोंका स्प्रे, 4 जवान अस्पताल में भर्ती, 15 गिरफ्तार।

नई दिल्ली: प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, इंडिया गेट पर पुलिस पर ‘मिर्च स्प्रे’ से हमला; नक्सली कमांडर के समर्थन में लगे नारे. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता (Air Quality) को लेकर रविवार को इंडिया गेट पर आयोजित एक प्रदर्शन हिंसक हो गया। सरकार से प्रदूषण पर ठोस कदम उठाने की मांग को लेकर जमा हुए प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने उग्र रूप धारण कर लिया। इस दौरान न केवल सड़क जाम करने की कोशिश की गई, बल्कि रोकने पर पुलिस टीम पर ‘मिर्च स्प्रे’ (Pepper Spray) से हमला कर दिया गया।
हैरान करने वाली बात यह रही कि पर्यावरण बचाने के लिए शुरू हुए इस प्रदर्शन में अचानक मारे गए नक्सली कमांडर के समर्थन में नारे लगने लगे। पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा
सड़क जाम और पुलिस पर अनोखा हमला
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इंडिया गेट के पास ‘सी-हेक्सागन’ (C-Hexagon) में विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ अराजक तत्वों ने मुख्य सड़क को जाम करने की कोशिश शुरू कर दी। जब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें यातायात बाधित करने से रोका और बैरिकेडिंग के पीछे जाने को कहा, तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए।प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा
अचानक हुए हमले में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया। यह हमला इतना तीखा था कि मौके पर भगदड़ मच गई और चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा
प्रदूषण के मंच से नक्सली समर्थन में नारेबाजी
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। यह प्रदर्शन वायु प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए बुलाया गया था, लेकिन कुछ ही देर में वहां का माहौल बदल गया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में हाल ही में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के पोस्टर देखे गए।प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा
प्रदर्शनकारियों ने ‘कितने हिडमा मारोगे’, ‘हर घर से हिडमा निकलेगा’ जैसे भड़काऊ और विवादित नारे लगाने शुरू कर दिए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पर्यावरण के मुद्दे वाले प्रदर्शन में नक्सली समर्थक तत्व कैसे शामिल हो गए।प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा
एंबुलेंस को भी रोका, पुलिस ने कहा- यह सामान्य हमला नहीं
नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार महला ने घटना की गंभीरता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “पुलिस पार्टी पर यह कोई सामान्य हमला नहीं था। यह पहली बार है जब प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों पर इस तरह (मिर्च स्प्रे से) हमला किया है।”प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर सड़क पर बैठ गए थे। इस दौरान पीछे फंसी हुई एम्बुलेंस और डॉक्टरों को भी उन्होंने रास्ता नहीं दिया। पुलिस के बार-बार अनुरोध करने पर भी जब वे नहीं माने, तो बल प्रयोग कर उन्हें हटाया गया।प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा
एफआईआर दर्ज, 15 से ज्यादा गिरफ्तार
पुलिस ने हमले और सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर सख्त कार्रवाई की है। हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें सड़क जाम करने और पुलिस पर हमला करने की धाराएं शामिल हैं। अब तक 15 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस टीम वीडियो फुटेज के जरिए अन्य दोषियों और नक्सली पोस्टर लाने वालों की पहचान करने में जुटी है।प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंसा



















