भोपाल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं 230 करोड़ रुपये, कहीं ये आपके तो नहीं? RBI ने दिया वापस पाने का मौका
10 साल से निष्क्रिय 5.63 लाख खातों में जमा राशि लौटाने के लिए बैंकों ने शुरू किया अभियान, 31 दिसंबर 2025 तक कर सकते हैं क्लेम; जानें पूरा प्रोसेस।

भोपाल: भोपाल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं 230 करोड़ रुपये, कहीं ये आपके तो नहीं? RBI ने दिया वापस पाने का मौका. क्या आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का बैंक खाता पिछले 10 साल से निष्क्रिय (Inactive) पड़ा है? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। भोपाल जिले के बैंकों में करीब 230 करोड़ रुपये की ऐसी राशि जमा है, जिसका कोई दावेदार पिछले एक दशक में सामने नहीं आया है। अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्तीय संस्थानों ने इस ‘अनक्लेम्ड राशि’ (Unclaimed Amount) को उसके असली हकदारों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है।
क्या है मामला?
भोपाल जिले में लगभग 5.63 लाख बैंक खाते ऐसे हैं, जिनमें पिछले 10 वर्षों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है। इन खातों में कुल जमा राशि 230 करोड़ रुपये के आसपास है। चूंकि इतने सालों में कोई पूछताछ करने नहीं आया, इसलिए नियमानुसार यह राशि रिजर्व बैंक के ‘डेफ फंड’ (DEAF – Depositor Education and Awareness Fund) में चली गई थी। अब इसे वापस लौटाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।भोपाल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं 230 करोड़ रुपये
बैंक खुद खोज रहे हकदार, 3 महीने का विशेष अभियान
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आलोक चक्रवर्ती ने बताया कि यदि किसी खाताधारक का पैसा 10 साल से जमा है और कोई लेन-देन नहीं हुआ है, तो वह पैसा निकाला जा सकता है। यह जमाकर्ता और उनके उत्तराधिकारियों की वैध संपत्ति है। इसके लिए 3 महीने का एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। बैंक और वित्तीय संस्थान अब जगह-जगह कैंप लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और पैसा निकालने की सलाह दे रहे हैं।भोपाल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं 230 करोड़ रुपये
डेडलाइन 31 दिसंबर 2025
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों और बीमा कंपनियों सहित अन्य वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे 31 दिसंबर 2025 तक ऐसी लावारिस राशि को उनके मूल मालिकों या वारिसों को वापस करें।भोपाल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं 230 करोड़ रुपये
कैसे वापस पाएं अपनी राशि? (How to Claim)
बैंकर्स के मुताबिक, इस राशि को प्राप्त करने की प्रक्रिया अब आसान कर दी गई है:
आवेदन: संबंधित बैंक में जाकर राशि के लिए एक आवेदन देना होगा।
केवाईसी (KYC): खाते को दोबारा सक्रिय करने के लिए केवाईसी दस्तावेज जैसे- आधार कार्ड और पैन कार्ड जमा करना होगा।
नॉमिनी/वारिस: यदि मूल खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है और खाते में नॉमिनी (Nominee) का नाम दर्ज है, तो राशि नॉमिनी को मिलेगी। यदि नॉमिनी नहीं है, तो विधिक वारिस (Legal Heir) सर्टिफिकेट के आधार पर यह राशि प्राप्त कर सकता है।
‘उद्गम पोर्टल’ से घर बैठे करें पता
आम लोगों की सुविधा के लिए ‘उद्गम पोर्टल’ (UDGAM Portal) की शुरुआत की गई है। इस पोर्टल के जरिए आप घर बैठे पता लगा सकते हैं कि किस बैंक में आपका या आपके पूर्वजों का पैसा फंसा हुआ है। इससे प्रत्येक बैंक के दावे या निपटान प्रक्रिया की जानकारी मिलती है, हालांकि राशि का अंतिम दावा (Claim) संबंधित बैंक की शाखा में जाकर ही किया जा सकता है।भोपाल के बैंकों में लावारिस पड़े हैं 230 करोड़ रुपये



















