कथावाचक आशुतोष चैतन्य की टिप्पणी पर भड़का सतनामी समाज, SP को सौंपा ज्ञापन; एट्रोसिटी एक्ट में केस दर्ज करने की मांग
सार्वजनिक मंच से समाज के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप, जिला सतनामी समाज ने कहा- अपमान बर्दाश्त नहीं, की कड़ी कार्रवाई की मांग।

बालोद/गुंडरदेही: कथावाचक आशुतोष चैतन्य की टिप्पणी पर भड़का सतनामी समाज, SP को सौंपा ज्ञापन; एट्रोसिटी एक्ट में केस दर्ज करने की मांग. बालोद जिले में कथावाचक आशुतोष चैतन्य द्वारा सार्वजनिक मंच से सतनामी समाज के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी का मामला गरमा गया है। इस बयान से नाराज जिला सतनामी समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया है। समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर कथावाचक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?

जिला सतनामी समाज का आरोप है कि कथावाचक आशुतोष चैतन्य ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सतनामी समाज को लेकर अपमानजनक और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। ज्ञापन में कहा गया है कि कथावाचक ने समाज को ‘मूर्ख’ बताते हुए अभद्र टिप्पणी की, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के लोगों का कहना है कि एक धार्मिक मंच से किसी विशेष समुदाय को अपमानित करना निंदनीय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।कथावाचक आशुतोष चैतन्य की टिप्पणी पर भड़का सतनामी समाज
एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग

पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में समाज ने स्पष्ट मांग की है कि आशुतोष चैतन्य के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाए। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द उचित वैधानिक कार्रवाई करने की अपील की है ताकि भविष्य में कोई भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास न करे।कथावाचक आशुतोष चैतन्य की टिप्पणी पर भड़का सतनामी समाज
ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला सतनामी समाज के अध्यक्ष संजय बारले ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से संरक्षक विजय बघेल और अश्वन बारले, कोषाध्यक्ष गोवर्धन बारले, गुंडरदेही ब्लॉक अध्यक्ष नीलकंठ टंडन, अर्जुन्दा तहसील अध्यक्ष यू.आर. ब्राहेन मौजूद रहे।कथावाचक आशुतोष चैतन्य की टिप्पणी पर भड़का सतनामी समाज
इसके अलावा निर्मला बंजारे, तुलसीराम, पुनारद गेड़रे, राम मंडले, मानसिंह, सुग्रीता बारले, कांतिकारी महिलांग, दान बाई बंजारे, मानसिंह देशलहरा, कुणाल कुर्रे, कोमल देशलहरा, शास्त्री जी, खेमनलाल बंजारे, केशव सिरमौर और संतलाल कुर्रे सहित अन्य सामाजिक जन उपस्थित थे।कथावाचक आशुतोष चैतन्य की टिप्पणी पर भड़का सतनामी समाज



















