जगदलपुर स्थित सीताराम शिवालय में विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल और मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की संयुक्त जिला स्तरीय विशेष बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन ने आगामी एक वर्ष के लिए सामाजिक सेवा, सुरक्षा और जागरण को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना (Roadmap) तैयार की है।
यहाँ बैठक के प्रमुख बिंदुओं और लिए गए निर्णयों का ब्यौरा दिया गया है:
नशा मुक्त समाज का निर्माण: सबसे बड़ी प्राथमिकता
बैठक को संबोधित करते हुए विभाग मंत्री रवि ब्रह्मचारी ने समाज में तेजी से बढ़ते नशे के चलन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज को नशा मुक्त बनाना है।बजरंग दल का महामंथन: शौर्य दिवस और नशा मुक्ति पर बनी नई रणनीति, साल भर चलेंगे विशेष अभियान
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जागरूकता अभियान: युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
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स्वास्थ्य और स्वदेशी: ‘विकसित भारत संकल्प’ के अंतर्गत स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन होगा और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
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प्रशासनिक सहयोग: इन अभियानों को सफल बनाने के लिए सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
शौर्य दिवस का विस्तार: अब 31 दिसंबर तक होंगे कार्यक्रम
आमतौर पर 6 दिसंबर को मनाया जाने वाला ‘शौर्य दिवस’ इस वर्ष एक नए स्वरूप में दिखेगा। बजरंग दल के विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप ने जानकारी दी कि:
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विस्तारित अवधि: इस वर्ष शौर्य दिवस के कार्यक्रम केवल एक दिन नहीं, बल्कि 31 दिसंबर तक लगातार आयोजित किए जाएंगे।
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विविध आयोजन: इस दौरान विभिन्न स्थानों पर सभाएं, विचार गोष्ठियां और भव्य पथ संचलन (रैली) का आयोजन किया जाएगा।
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कार्यकर्ताओं में उत्साह: बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने शौर्य दिवस को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प लिया है।
राष्ट्रवाद और अनुशासन का महाअभियान
संगठन ने आगामी वर्ष के लिए अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित क्षेत्रों पर फोकस करने का निर्णय लिया है:
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धार्मिक जागरण: धर्म और संस्कृति के प्रति समाज को जागरूक करना।
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स्वदेशी का प्रचार: विदेशी वस्तुओं का मोह त्याग कर स्वदेशी अपनाने पर जोर।
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संगठनात्मक मजबूती: प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रभावना को प्रबल करना।
बैठक के अंत में संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि विहिप और बजरंग दल एकजुटता और अनुशासन के साथ समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों को नई गति प्रदान करेंगे। आने वाला वर्ष सेवा और संस्कार के नाम रहेगा।बजरंग दल का महामंथन: शौर्य दिवस और नशा मुक्ति पर बनी नई रणनीति, साल भर चलेंगे विशेष अभियान