जांजगीर-चांपा में मातम: हसदेव नदी में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत, ASI का बेटा भी शामिल

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ हसदेव नदी में डूबने से तीन स्कूली छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में सक्ती जिले में पदस्थ एक एएसआई (ASI) का बेटा भी शामिल है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
छुट्टी के दिन हुआ हादसा: पिकनिक मनाने निकले थे दोस्त
जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना स्कूल की छुट्टी के दिन घटी। तीनों दोस्त सुबह करीब 10 बजे अपनी साइकिल से हनुमानधारा क्षेत्र में नहाने और घूमने के लिए निकले थे। दोपहर बीत जाने और शाम होने तक जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। अनहोनी की आशंका के चलते परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की।हसदेव नदी में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत, ASI का बेटा भी शामिल
मोबाइल लोकेशन से मिला सुराग, किनारे पर मिले कपड़े
जब बच्चों का कोई पता नहीं चला, तो परिजनों ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक की। लोकेशन हनुमानधारा के पास हसदेव नदी के किनारे की मिली। वहां पहुंचने पर पुलिस और परिजनों को नदी के तट पर बच्चों की साइकिलें, मोबाइल, चप्पल और कपड़े रखे हुए मिले। इससे यह स्पष्ट हो गया कि बच्चे नदी में नहाने उतरे थे।हसदेव नदी में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत, ASI का बेटा भी शामिल
26 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन: SDRF और पुलिस की कड़ी मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ डीडीआरएफ (DDRF) की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर से एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी बुलाया गया।हसदेव नदी में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत, ASI का बेटा भी शामिल
बुधवार शाम को अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा था। गुरुवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। करीब 26 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तीनों बच्चों के शव नदी से बरामद कर लिए। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।हसदेव नदी में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत, ASI का बेटा भी शामिल
इन तीन मासूमों की गई जान
हादसे का शिकार हुए बच्चों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
नेल्सन लकड़ा (15 वर्ष): पिता नजारियूस एक्का (एएसआई, सक्ती जिला पुलिस)।
युवराज राठौर (14 वर्ष): पिता दिनेश राठौर (प्लांट कर्मचारी)।
रुद्र सिंह राज (11 वर्ष): पिता जयचंद राज (किराना व्यवसायी)।
प्रशासन ने बंधाया ढांढस, सुरक्षा पर उठे सवाल
तीनों बच्चों के शव मिलने के बाद परिजनों का दुख देखा नहीं जा रहा था। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर नदी-तालाबों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।हसदेव नदी में नहाने गए 3 दोस्तों की डूबने से मौत, ASI का बेटा भी शामिल



















