axal Violence 2025 Report: साल 2025 भारतीय आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में एक निर्णायक वर्ष के रूप में दर्ज हो गया है। छत्तीसगढ़ के बस्तर से लेकर अबूझमाड़ के घने जंगलों तक, सुरक्षाबलों ने लाल आतंक की कमर तोड़कर रख दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई समय-सीमा और सुरक्षाबलों के अदम्य साहस ने इस वर्ष नक्सली नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस विस्तृत रिपोर्ट में जानें कि कैसे 2025 नक्सलियों के लिए ‘काल’ साबित हुआ।
मिशन बस्तर: जुमलों से आगे निकलकर जमीनी कार्रवाई
वर्ष की शुरुआत में जब केंद्र सरकार ने बस्तर से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की बात कही थी, तो नक्सली नेतृत्व ने इसे महज एक चुनावी नारा समझा था। लेकिन केंद्र और राज्य में बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने साबित कर दिया कि यह कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक ठोस रणनीति थी। सुरक्षाबलों ने अभूतपूर्व आक्रामकता दिखाते हुए नक्सलियों को उनके ही गढ़ में घेर लिया।साल 2025 में ढेर हुए 320 नक्सली, हिड़मा का खात्मा और बीजापुर बना कब्रगाह – पूरी रिपोर्ट
बीजापुर: लाल आतंक का आखिरी किला हुआ ध्वस्त
बस्तर संभाग में जहां अन्य जिलों में नक्सली गतिविधियां कम हुईं, वहीं बीजापुर नक्सलियों का आखिरी और सबसे मजबूत ठिकाना (नर्सरी) बना हुआ था। 2025 के आंकड़े बताते हैं कि सुरक्षाबलों का मुख्य फोकस यही जिला रहा:
-
47% मुठभेड़ें अकेले बीजापुर जिले में हुईं।
-
45% नक्सली इसी जिले में मारे गए।
-
55% गिरफ्तारियां बीजापुर से हुईं।
-
सर्वाधिक 31% सरेंडर भी इसी जिले के नक्सलियों ने किए।
यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि सुरक्षाबलों ने सांप के सिर पर चोट करने की रणनीति अपनाई और बीजापुर को नक्सलियों के लिए सबसे असुरक्षित जोन बना दिया।साल 2025 में ढेर हुए 320 नक्सली, हिड़मा का खात्मा और बीजापुर बना कब्रगाह – पूरी रिपोर्ट
2025 का लेखा-जोखा: 320 ढेर, सेंट्रल कमेटी को गहरा झटका
दिसंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच के 11 महीने नक्सलियों के लिए विनाशकारी रहे। आंकड़ों के अनुसार:
-
कुल नक्सली ढेर: 320 (187 पुरुष, 117 महिलाएं, 20 की पहचान बाकी)।
-
गिरफ्तार: 680 नक्सली।
-
सरेंडर: 1,225 नक्सलियों ने हथियार डाले।
सबसे बड़ी सफलता यह रही कि नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के 8 शीर्ष सदस्य और रणनीतिकार अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए। ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ और सामूहिक सरेंडर ने संगठन को नेतृत्व विहीन कर दिया है।साल 2025 में ढेर हुए 320 नक्सली, हिड़मा का खात्मा और बीजापुर बना कब्रगाह – पूरी रिपोर्ट
ऑपरेशन हिड़मा: डेडलाइन से पहले ‘मौत के सौदागर’ का अंत
नक्सलवाद के इतिहास में सबसे खूंखार माने जाने वाले कमांडर हिड़मा का अंत इस साल की सबसे बड़ी खबर रही। गृह मंत्री अमित शाह ने हिड़मा के खात्मे के लिए 30 नवंबर की डेडलाइन तय की थी।साल 2025 में ढेर हुए 320 नक्सली, हिड़मा का खात्मा और बीजापुर बना कब्रगाह – पूरी रिपोर्ट
आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सीमा पर स्थित मरेडमिल्ली के जंगलों में चले भीषण ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने डेडलाइन से 12 दिन पहले ही हिड़मा को मार गिराया। हिड़मा 2010 के दंतेवाड़ा हमले (76 जवान शहीद) और 2013 के झीरम घाटी हमले सहित 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था।साल 2025 में ढेर हुए 320 नक्सली, हिड़मा का खात्मा और बीजापुर बना कब्रगाह – पूरी रिपोर्ट
साल 2025 की प्रमुख नक्सली मुठभेड़ें (टाइमलाइन)
इस वर्ष सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। प्रमुख एनकाउंटर इस प्रकार हैं:
-
11 नवंबर: बीजापुर में 6 नक्सली ढेर।
-
22 सितंबर: अबूझमाड़ में कमांडर कोसा दादा और राजू दादा का अंत।
-
11 सितंबर: गरियाबंद में एक साथ 10 नक्सली मारे गए।
-
10 सितंबर: कांकेर में 8 लाख का इनामी मासा ढेर।
-
27 जुलाई: बीजापुर के गंगलूर में 4 इनामी नक्सली ढेर।
-
21 मई: अबूझमाड़ के ऐतिहासिक एनकाउंटर में बसवराजू समेत 28 नक्सली ढेर।
-
15 मई: करेंगुट्टा पहाड़ पर 31 नक्सलियों का सफाया।
-
29 मार्च: सुकमा में 17 नक्सली मारे गए।
-
9 फरवरी: बीजापुर में भीषण मुठभेड़, 31 नक्सली ढेर (2 जवान शहीद)।
-
16 जनवरी: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर 18 नक्सली ढेर।
2025 में मारे गए शीर्ष नक्सली कमांडर (इनामी राशि)
सुरक्षाबलों ने इस साल उन चेहरों को खत्म किया जो दशकों से पुलिस की वांटेड लिस्ट में थे:
-
बसवा राजू: पोलित ब्यूरो मेंबर (इनाम: ₹1.5 करोड़)
-
जयराम उर्फ चलपति: CCM (इनाम: ₹1 करोड़)
-
बालकृष्णा उर्फ रामाराजू: CCM (इनाम: ₹1 करोड़)
-
नरसिंहाचलम उर्फ सुधाकर: CCM (इनाम: ₹1 करोड़)
-
रेणुका: सेंट्रल रीजनल ब्यूरो (इनाम: ₹45 लाख)
-
सागर: स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (इनाम: ₹25 लाख)
मिशन 2026: अंतिम सफाए की उल्टी गिनती शुरू
साल 2024 में थुलथुली (38 ढेर) और छोटे बेठिया (29 ढेर) जैसे ऑपरेशन्स ने जो नींव रखी थी, 2025 ने उस पर जीत की इमारत खड़ी कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। वर्तमान हालात और नक्सलियों के टूटते मनोबल को देखते हुए यह लक्ष्य अब बहुत करीब नजर आ रहा है।साल 2025 में ढेर हुए 320 नक्सली, हिड़मा का खात्मा और बीजापुर बना कब्रगाह – पूरी रिपोर्ट