UP BJP New President: योगी के प्रदेश में अब ‘महिला राज’? 14 दिसंबर तक फैसला नहीं तो फिर लंबा इंतजार! उत्तर प्रदेश की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा? सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि लोकसभा चुनाव और आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकता है। क्या यूपी बीजेपी की कमान किसी महिला नेता के हाथ में सौंपी जाएगी? आइए जानते हैं क्या है पूरी इनसाइड स्टोरी और क्यों 14 दिसंबर की तारीख अहम है।
क्या ‘आधी आबादी’ को कमान सौंपकर चौंकाएगी बीजेपी?
बीजेपी अपने अप्रत्याशित फैसलों के लिए जानी जाती है। हाल ही में पार्टी ने 14 जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है, जिसके बाद अब सबकी निगाहें लखनऊ की गद्दी पर हैं। महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी ‘नारी शक्ति’ को बढ़ावा देने के लिए यूपी जैसे बड़े राज्य में किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है।UP BJP New President
वर्तमान में केवल मणिपुर में शारदा देवी के रूप में बीजेपी की कोई महिला प्रदेश अध्यक्ष है। हिंदी भाषी राज्यों में अभी तक यह पद किसी महिला को नहीं मिला है। ऐसे में अगर यूपी में ऐसा होता है, तो यह पार्टी का एक मास्टरस्ट्रोक साबित होगा।UP BJP New President
दिल्ली दरबार में रायशुमारी पूरी, रिपोर्ट तैयार
सूत्रों के मुताबिक, नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने इस मसले पर उत्तर प्रदेश के दिग्गजों से लंबी चर्चा की है।UP BJP New President
-
किससे हुई बात? सीएम योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम (केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक), पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह और सूर्य प्रताप शाही जैसे वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया गया है।
-
रिपोर्ट सौंपी गई: विनोद तावड़े ने इन सभी नेताओं से विचार-विमर्श के बाद अपनी फाइनल रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी है। अब बस आधिकारिक मुहर लगने की देर है।
2027 के लिए ‘महिला कार्ड’ क्यों है जरूरी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी का यह दांव भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पिछले कुछ चुनावों, खासकर बिहार और यूपी के चुनावों में देखा गया है कि ‘महिला वोटर्स’ (Silent Voters) ने एनडीए की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई है। 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए, एक महिला प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति आधी आबादी को पार्टी के पक्ष में एकजुट करने का काम कर सकती है।UP BJP New President
14 दिसंबर की डेडलाइन और ‘खरमास’ का पेंच
अगर आपको लग रहा है कि ऐलान में देरी क्यों हो रही है, तो इसके पीछे धार्मिक कारण भी हो सकते हैं।UP BJP New President
-
शुभ मुहूर्त का इंतजार: बीजेपी नेतृत्व अक्सर तिथियों और मुहूर्त का ध्यान रखता है।
-
डेडलाइन: अगर 14 दिसंबर तक नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान नहीं हुआ, तो फिर यह मामला लटक सकता है।
-
वजह: 15 दिसंबर से ‘खरमास’ शुरू हो रहा है, जो 14 जनवरी तक चलेगा। हिंदू मान्यताओं में इस दौरान कोई भी शुभ कार्य या नई नियुक्ति नहीं की जाती।
ऐसे में, अगर अगले 48-72 घंटों में नाम सामने नहीं आया, तो यूपी बीजेपी को अपना नया कप्तान मकर संक्रांति (15 जनवरी) के बाद ही मिलेगा।UP BJP New President
ताज़ा सियासी अपडेट्स के लिए जुड़े रहें!