
धान मंडी में ‘ओवरलोड’ का खेल: तहसीलदार ने रंगे हाथों पकड़ा, राइस मिल मालिक की मनमानी पर लगा ब्रेक, पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड की कोरबी धान मंडी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तहसीलदार एस.डी. मानिकपुरी औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) के लिए धमक पड़े। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि एक राइस मिल मालिक और ट्रांसपोर्टर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मनमानी कर रहे थे, जिस पर तहसीलदार ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई।
नियमों को ताक पर रखकर जबरन लोडिंग की कोशिश
मामला ‘मोहन राइस मिल’ से जुड़ा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मिल का ट्रक चालक मंडी समिति पर दबाव बना रहा था कि उसकी गाड़ी में 800 बोरी धान लोड किया जाए। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक ट्रक में अधिकतम 700 बोरी धान ही लोड किया जा सकता है। चालक अड़ा हुआ था कि वह 800 बोरी लेकर ही जाएगा। जैसे ही इस बात की खबर तहसीलदार को लगी, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया।तहसीलदार ने रंगे हाथों पकड़ा
तहसीलदार का अल्टीमेटम: ‘700 से एक बोरी ज्यादा नहीं जाएगी’
मौके पर मौजूद तहसीलदार मानिकपुरी ने जब ट्रक चालक से गाड़ी के कागजात मांगे, तो उसने दस्तावेज होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद तहसीलदार ने चालक के फोन से सीधे मिल मालिक से बात की। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “नियम सभी के लिए बराबर हैं। 700 बोरी से एक भी बोरी ज्यादा लोड नहीं होगी। अगर जबरदस्ती करने की कोशिश की गई, तो मिल मालिक और ट्रांसपोर्टर दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”तहसीलदार ने रंगे हाथों पकड़ा
समिति को सख्त हिदायत: दबाव में न आएं
काफी गहमागहमी के बाद करीब 30 मिनट में मिल मालिक की ओर से गाड़ी के कागज पेश किए गए। इस दौरान मंडी में हड़कंप की स्थिति रही। तहसीलदार ने मंडी समिति प्रबंधन को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी और परिवहन में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। समिति किसी भी मिल मालिक या रसूखदार के दबाव में आकर नियमों का उल्लंघन न करे।तहसीलदार ने रंगे हाथों पकड़ा
प्रशासन की इस मुस्तैदी को देख वहां मौजूद किसानों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली और तहसीलदार की कार्रवाई की सराहना की।तहसीलदार ने रंगे हाथों पकड़ा



















