
ED Raid in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक बार फिर एक्शन मोड में है। सोमवार सुबह प्रदेश की राजधानी रायपुर और महासमुंद में ED की टीमों ने एक साथ दबिश दी। यह पूरी कार्रवाई ‘भारतमाला प्रोजेक्ट’ (Bharatmala Project) में हुए कथित मुआवजा घोटाले को लेकर की जा रही है। जांच टीम ने कारोबारी हरमीत खनूजा और उनके करीबियों के 9 ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है।
सुबह-सुबह 9 ठिकानों पर पहुंची ED की टीमें
ED Raid in Chhattisgarh: ताजा जानकारी के मुताबिक, ED की 7 अलग-अलग टीमों ने सुबह तड़के रायपुर और महासमुंद में अपनी कार्रवाई शुरू की। इस छापेमारी में रसूखदार कारोबारियों और कुछ संबंधित अधिकारियों को निशाने पर लिया गया है। जांच के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है।
महासमुंद में कारोबारी जसबीर सिंह बग्गा के घर हड़कंप
ED Raid in Chhattisgarh: महासमुंद जिले में भी ED की टीम सक्रिय नजर आई। यहाँ के बसंत कॉलोनी स्थित मशहूर कारोबारी जसबीर सिंह बग्गा के निवास पर दो गाड़ियों में सवार होकर अधिकारी पहुंचे। बग्गा का होंडा शोरूम है और वे शहर के प्रमुख व्यवसायियों में गिने जाते हैं। टीम उनके घर के भीतर दस्तावेजों और निवेश से जुड़े कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है।
क्या है भारतमाला प्रोजेक्ट और मुआवजा घोटाला?
ED Raid in Chhattisgarh: भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक लगभग 950 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट में रायपुर-विशाखापट्टनम फोरलेन और दुर्ग-आरंग सिक्सलेन सड़क शामिल है।
आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) के दौरान मुआवजे के वितरण में भारी अनियमितताएं बरती गईं।
कई असली हकदार किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, जबकि रसूखदारों ने सांठगांठ कर करोड़ों रुपये का बंदरबांट कर लिया।
विधानसभा में उठा था मुद्दा, अब ED का शिकंजा
ED Raid in Chhattisgarh: इस घोटाले का मुद्दा छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी गूंज चुका है। 2025 के विधानसभा बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार ने जांच के निर्देश दिए थे। अब ED की एंट्री ने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
डिजिटल साक्ष्यों की हो रही है जांच
ED Raid in Chhattisgarh: ED के सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी का मुख्य उद्देश्य घोटाले से जुड़े मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) का पता लगाना है। अधिकारियों की टीम यह जांच रही है कि मुआवजे की राशि किन खातों में गई और किन लोगों ने फर्जी तरीके से लाभ उठाया। शाम तक इस छापेमारी में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।














